ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने ड्रग्स मामले के आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया। इसके लिए जस्टिस बेला त्रिवेदी और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने ‘नार्कोस’ और ‘ब्रेकिंग बैड’ वेब सीरीज का हवाला दिया।
सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने बेंच से कहा- नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टांसेस एक्ट (एनडीपीएस ) के मामले में गिरफ्तार व्यक्ति समाज के लिए कोई बड़ा खतरा नहीं है, उसकी गिरफ्तारी गलत है। इस पर बेंच ने कहा- इस तरह के ड्रग्स सिंडिकेट देश के युवाओं को मार रहे हैं।
जस्टिस शर्मा ने कहा, ‘मैं आपसे (आरोपी के वकील) पूछता हूं, आपने ‘नार्कोस’ देखी होगी? बहुत मजबूत सिंडिकेट, शायद ही कभी पकड़ा जाता है। एक और फिल्म जो जरूर देखनी चाहिए, वो ‘ब्रेकिंग बैड’। आप इन लोगों से नहीं लड़ सकते जो सचमुच इस देश के युवाओं को मार रहे हैं।’
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 4 अक्टूबर के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ की गई अपील पर सुनवाई की जिसमें हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देने से इनकार किया था। उसे इसी साल अप्रैल में 73.80 ग्राम स्मैक (हेरोइन) के साथ पकड़ा गया था।
नार्कोस और ब्रेकिंग बैड क्या है
नार्कोस- नार्कोस कोलंबिया के ड्रग्स पैडलर पाब्लो एस्कॉबार की कहानी है। सीरीज में दिखाया गया है कि कैसे पाब्लो ने पूरे कोलंबिया में ड्रग्स के बिजनेस की शुरुआत की और उससे अरबों रुपए कमाए। जहां एक तरफ पाब्लो अपना ड्रग्स का कारोबार बढ़ा रहा था, वहीं दूसरी तरफ कुछ जांच एजेंसीज उसकी तलाश में थीं। ये अब तक की बेस्ट क्राइम ड्रामा सीरीज मानी जाती है। इसके पहले सीजन को साल 2015 में रिलीज किया गया था।
‘ब्रेकिंग बैड’- साल 2008 में शुरू हुई वेब सीरीज ‘ब्रेकिंग बैड’ एक हाई स्कूल टीचर की कहानी है, जिन्हें कैंसर है। अपनी बीमारी का पता चलने के वॉल्टर व्हाइट ड्रग्स के बिजनेस को रोकने निकलते हैं। हालांकि कुछ ही समय बाद उनकी मंशा पूरी तरह बदल जाती है, और लालच में वॉल्टर खुद ही इस बिजनेस में लग जाते हैं। फिल्म में ब्रयान क्रेनस्टोन ने वॉल्टर की भूमिका निभाई है।













