संजय द्विवेदी
लखनऊ। राज्य में युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराने की दिशा में योगी आदित्यनाथ की सरकार निरंतर अनेक उठा रही है। इसी क्रम में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाकर भी रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत ‘प्रोजेक्ट गंगा’ को जमीन पर उतारा जा रहा है।
इससे प्रदेश में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का विस्तार होगा। इसके लिए स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और हिंदुजा ग्रुप की सहायक कंपनी वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड के बीच एमओयू साइन किया गया है। इस परियोजना के तहत अगले 2–3 वर्षों में 20 लाख से अधिक घरों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रोजेक्ट से करीब एक लाख युवाओं को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्लान है।
प्रदेश में न्याय पंचायत स्तर पर योगी सरकार की योजना के तहत 8000 से 10,000 स्थानीय युवाओं को डिजिटल सेवा प्रदाता के रूप में विकसित किया जाएगा। इनमें महिलाओं की लगभग 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार होने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी सृजित होंगे।
बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
एमओयू साइन कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि यह करार प्रदेश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कभी तकनीक के क्षेत्र में पीछे रहने के कारण भारत को विकासशील देश के रूप में देखा जाता था। पिछले एक दशक में देश और विशेष रूप से यूपी में हुए परिवर्तन ने दुनिया की धारणा बदल दी है। आज सबसे बड़ी आवश्यकता अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सृजित करने की है। वित्त मंत्री ने कहा कि अगर रोजगार तकनीक के माध्यम से मिलता है तो वह अधिक प्रभावी और स्थायी होता है।
एक करोड़ लोगों को लाभ
प्रोजेक्ट गंगा यानी गवर्नमेंट असिस्टेड नेटवर्क फॉर ग्रोथ एंड एडवांसमेंट के तहत लगभग 20 लाख घरों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड पहुंचाने का लक्ष्य है। इससे करीब एक करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही 8 से 10 हजार युवाओं को डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर के रूप में प्रशिक्षित कर रोजगार से जोड़ा जाएगा जबकि महिलाओं की भागीदारी को भी विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
युवाओं को मिलेगा तकनीक आधारित काम
वित्त मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचने से डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन व्यवसाय, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के नए अवसर खुलेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि ब्रॉडबैंड सुविधा गांव-गांव तक पहुंचे और युवाओं को तकनीक आधारित रोजगार मिले। युवाओं को डिजिटल उद्यमिता से जोड़ने के लिए सरकार आर्थिक सहयोग भी दे रही है। जनवरी 2024 में शुरू की गई योजना के तहत युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज और बिना गारंटी उपलब्ध कराया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि इसका लाभ अब तक एक लाख से अधिक लोग ले चुके हैं। उन्होंने आग्रह किया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हिंदी भाषा को भी प्रमुख स्थान दिया जाएगा ताकि प्रदेश के अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें। वित्त मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले दो से तीन वर्षों में प्रोजेक्ट गंगा प्रदेश में डिजिटल सशक्तिकरण और रोजगार सृजन का बड़ा आधार बनेगा।
विकास की दिशा तय होगी
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने कहा कि आज के दौर में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल हाइवे का महत्व कई मामलों में भौतिक एक्सप्रेसवे से भी अधिक हो गया है। यह विकास की नई दिशा तय कर रहा है। यह एमओयू डिजिटल डिवाइड और संभावित एआई डिवाइड को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।













