ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भारत विश्व का सबसे युवा राष्ट्र है। भारत का युवा विश्व में अपनी क्षमता और सामर्थ्य को साबित कर चुका है। उन्होंने कहा कि भारत की युवाशक्ति ने ही विकास की कमान संभाल रखी है। अब उसे देश की राजनीति में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा, हम राजनीति को केवल परिवारवादियों के लिए नहीं छोड़ सकते, राजनीति को अपने परिवार की जागीर मानने वालों के हवाले नहीं कर सकते। प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद के लेखंबा गांव में स्थित रामकृष्ण मठ को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा, युवाओं को राजनीति में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। हम इसके लिए नए साल में एक नई शुरुआत करने जा रहे हैं। अगले साल 12 जनवरी स्वामी विवेकानंद की जयंती यानी युवा दिवस पर दिल्ली में यंग लीडर्स डायलॉग का आयोजन किया जाएगा। इसमें देश से चुने गए दो हजार युवाओं को बुलाया जाएगा। इसके अलावा करोड़ों अन्य युवा टेक्नोलॉजी के माध्यम से इसमें जुड़ेंगे।
– युवा आगे आएं, राजनीति परिवारवादियों की जागीर नहीं
– एक लाख ऊर्जावान युवाओं को राजनीति में लाने का लक्ष्य
पीएम मोदी ने कहा कि इसमें युवाओं के दृष्टिकोण से विकसित भारत के संकल्प पर चर्चा होगी। युवाओं को राजनीति से जोड़ने के लिए रोडमैप बनाया जाएगा। हमारा संकल्प है, आने वाले समय में एक लाख प्रतिभाशाली और ऊर्जावान युवाओं को राजनीति में लाएं, जो 21वीं सदी के भारत की राजनीति का नया चेहरा बनेंगे, देश का भविष्य बनेंगे। आज जरूरत है कि टेक्नोलॉजी और दूसरे क्षेत्रों की तरह ही हमारे युवा राजनीति में भी देश का नेतृत्व करें।
देश के कायाकल्प की जिम्मेदारी उठाएं
पीएम ने स्वामी विवेकानंद का जिक्र करते हुए कहा कि युवाशक्ति ही राष्ट्र की रीढ़ होती है। स्वामीजी ने आह्वान किया था- मुझे आत्मविश्वास और ऊर्जा से भरे 100 युवा दे दो, मैं भारत का कायाकल्प कर दूंगा। अब समय आ गया है कि हम वो जिम्मेदारी उठाएं। हम अमृत काल की नई यात्रा शुरू कर चुके हैं। हमें विकसित भारत का संकल्प तय समय सीमा में पूरा करना है।
राष्ट्र निर्माण के लिए युवाओं को तैयार करना जरूरी
पीएम ने कहा, ये भारत की युवाशक्ति ही है, जो आज विश्व की बड़ी-बड़ी कंपनियों का नेतृत्व कर रही है। आज देश के पास समय भी है, संयोग भी , स्वप्न भी , संकल्प भी है और अथाह पुरुषार्थ की संकल्प से सिद्धि की यात्रा भी है। इसलिए, हमें राष्ट्र निर्माण के हर क्षेत्र में नेतृत्व के लिए युवाओं को तैयार करने की जरूरत है।













