ब्लिट्ज ब्यूरो
प्रयागराज। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाकुंभ के दौरान संगम में डुबकी लगाई। सिंदूरी लाल रंग के वस्त्र, हाथ और गले में रुद्राक्ष की माला पहने उन्होंने सूर्य को अर्घ्य दिया और करीब 5 मिनट तक मंत्र जाप करते रहे।
प्रधानमंत्री ने संगम नोज पर गंगा पूजन के दौरान मां गंगा को दूध अर्पित किया और चुनरी चढ़ाई। प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ नाव पर सवारी भी की। मोदी की महाकुंभ यात्रा करीब 2 घंटे की रही। प्रधानमंत्री मोदी सुबह करीब 11 बजे महाकुंभ में पहुंचे। नाव से उन्होंने संगम तट तक यात्रा की।
पीएम ने संगम तट पर खड़े श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया।
संगम में पहुंचने के कुछ देर बाद मोदी ने अकेले ही डुबकी लगाई। इस महाकुंभ में मोदी की यह पहली यात्रा थी।
मोदी करीब एक घंटे तक संगम तट पर रहे।
गंगा की पूजा के बाद प्रधानमंत्री मोदी हिमाचली टोपी में नजर आए।
पीएम के कुंभ स्नान का स्मार्ट प्रोटोकॉल
पीएम मोदी हवाई जहाज से पहुंचे और स्टीमर से संगम गए। उन्होंने मेले में एंट्री नहीं ली ताकि श्रद्धालु परेशान न हों।
बेहद शुभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस मुहूर्त में संगम में स्नान किया वह दुर्लभ और – जप, तप और ध्यान के लिए बेहद शुभ माना जाता है। वर्ष 2019 के कुंभ में भी संगम में डुबकी लगाई थी। संयोग यह है कि 2019 में भीमा अष्टमी तिथि पर भरनी नक्षत्र और शुक्ल योग था और गुप्त नवरात्रि चल रही थी, वही योग महाकुंभ में मोदी के संगम में डुबकी लगाते समय भी रहा।
इस समय भी गुप्त नवरात्रि चल रही थी जो सात फरवरी तक चली। गुप्त नवरात्रि को ध्यान, साधना, पूजन और सिद्धि के लिए बेहद अहम माना जाता है। शारदीय और वासंतिक नवरात्रि की तरह गुप्त नवरात्रि भी वर्ष में दो बार माघ और आषाढ़ माह में आती है। मोदी के लिए यह योग काफी अहम है, क्योंकि 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते समय भी यही योग था।
सफाईकर्मियों के पांव पखारे थे 2019 में
2019 के कुंभ में पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सफाईकर्मी प्यारे लाल, ज्योति, चौबी, होरीलाल और नरेश कुमार के पांव पखार कर सामाजिक समरसता का भी संदेश दिया था। इसके बाद हुए लोकसभा चुनाव में पीएम ने प्रचंड जीत दर्ज कर दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। पीएम पांव पखारेंगे, ऐसी कल्पना भी सम्मान प्राप्त करने वाले सफाई कर्मचारियों ने नहीं की थी।
अपने मौन से पूरी दुनिया का ध्यान खींचा
प्रधानमंत्री ने भक्ति-प्रेम-ज्ञान रूपी गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर लगे विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम वाले महाकुंभ में अपने मौन से पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। मोदी ने विशेष मुहूर्त में अमृतमयी त्रिवेणी में 11 डुबकी लगाईं। भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही मां गंगा का दुग्धाभिषेक कर देशवासियों के आरोग्य और कल्याण की कामना भी की।
सिंदूरी लाल ट्रैक सूट
सिंदूरी लाल ट्रैक सूट और नारंगी धारियों वाले गहरे नीले रंग का पायजामा पहने पीएम मां गंगा को प्रणाम करते हुए आगे बढ़े। गले में रुद्राक्ष की माला और हाथ में जप के लिए माला लिए पीएम ने गुप्त नवरात्र में भीमा अष्टमी तिथि पर भरनी नक्षत्र और पावन शुक्ल योग में स्नान किया। सूर्य को अर्घ्य देकर पूर्वाभिमुख होकर करीब 10 मिनट तक 108 बार रुद्राक्ष की माला जपी।
तर्पण-अर्पण
पीएम ने मां गंगा को चुनरी चढ़ाई। तांबे की लुटिया में लाए जल से सोना, काला तिल के साथ तर्पण-अर्पण भी किया।













