ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ 12 मई को होना था, लेकिन इसे 5 दिन पहले 6-7 मई की रात ही लॉन्च कर दिया गया। इसकी वजह पाकिस्तान से मिला स्ट्रॉन्ग इंटेलिजेंस इनपुट था।
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले ही दिन सऊदी अरब का दौरा बीच में छोड़कर भारत लौट आए थे। देर शाम कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक ली। विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम पीएम मोदी ने 23 अप्रैल को ही दे दिया था। इसके लिए तारीख भी तय कर दी गई थी, 12 मई 2025 यानी बुद्ध पूर्णिमा।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और तीनों सेनाओं के प्रमुखों को पाकिस्तान पर ठोस और निर्णायक जवाबी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। भारत की इंटेलिजेंस एजेंसियों ने खुफिया जानकारी के आधार पर पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में कुल 21 आतंकी ठिकानों की लिस्ट बनाई।
भारत की जवाबी कार्रवाई की आशंका से पाकिस्तान सतर्क था। इसीलिए आतंकी ठिकानों को खाली करा दिया गया था।
12 दिनों तक भारत की तरफ से कोई कार्रवाई न होने पर आईएसआई और आतंकी सरगनाओं को लगा कि शायद भारत जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा। इसी गलतफहमी में आतंकी अपने ठिकानों पर लौटने लगे।
भारत की इंटेलिजेंस एजेंसियों ने इन ठिकानों पर लगातार नजर बनाई हुई थी। 6 मई की दोपहर बाद भारतीय खुफिया विभाग को जानकारी मिली कि आतंकी ठिकानों पर हलचल बढ़ गई है और आतंकी अब वापस लौट चुके हैं।
इंटेलिजेंस और सैटेलाइट सर्विलांस से इसकी पुष्टि होने के बाद तय किया गया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए 12 मई का इंतजार नहीं करना है। प्रधानमंत्री मोदी को बताया गया तो उन्होंने हरी झंडी दे दी।

























