ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। पूरी दुनिया अब भारत की ताकत का लोहा मान चुकी है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की हर तरफ तारीफ हो रही है। एक दिन पहले ऑस्ट्रेलियाई एविएशन एनालिस्ट टॉम कूपर ने भारत के शौर्य की तारीफ की थी। अब अमेरिका के जानेमाने युद्ध विशेषज्ञ जॉन स्पेंसर ने भारत की नई नीति को सराहा है। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ आधुनिक युद्ध के मौजूदा दौर में भारत की निर्णायक जीत है, लेकिन मेरी नजरों में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी पूरी तरह थमा नहीं है। यह एक सोचा-समझा रणनीतिक विराम है, जिसे कुछ लोग संघर्ष विराम कह सकते हैं, लेकिन भारतीय सेना ने इस शब्द से जानबूझकर दूरी बनाई। मेरे लिए, यह कोई मामूली ठहराव नहीं, बल्कि एक ऐसी सैन्य जीत के बाद का दमदार कदम है, जो इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत चार दिन की सटीक और शक्तिशाली कार्रवाई में मैंने भारत को एक ऐसी जीत हासिल करते देखा, जिसने दुनिया को चौंका दिया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने आतंकी ठिकानों को तबाह करने, भारत की सैन्य श्रेष्ठता को साबित करने, निवारक शक्ति को दूसरा जन्म देने और एक नई राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को दुनिया के सामने लाने के अपने लक्ष्यों को न सिर्फ हासिल किया, बल्कि उन्हें कई गुना बढ़ा दिया। यह सिर्फ जवाबी कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की ताकत का शंखनाद था।
जॉन स्पेंसर ने कहा, मैंने देखा कि इस बार भारत ने न तो समय गंवाया, न ही दुनिया की परवाह की। 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ। मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गूंजता बयान सुना- आतंक और बातचीत साथ नहीं चल सकते। पानी और खून एक साथ नहीं वह सकते।
एक के बाद एक चरणबद्ध कार्रवाई
7 मई को पाकिस्तान व पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ सटीक हमले किए गए। भारतीय वायुसेना ने बहावलपुर, मुरीदके व मुजफ्फराबाद में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर के नौ आतंकी अड्डों को पलक झपकते ही नेस्तनाबूद कर दिया।
8 मई को पाकिस्तान ने भारत के पश्चिमी राज्यों में बड़े पैमाने पर ड्रोन से जवाबी कार्रवाई की। भारत के बहुस्तरीय वायु रक्षा नेटवर्क, घरेलू आकाश मिसाइल और इस्त्राइली व रूसी रक्षा प्रणालियों ने पाकिस्तान के ड्रोन हमलों। को नाकाम किया।
9 मई को भारत ने छह पाकिस्तानी सैन्य एयरबेस व यूएबी समन्वय केंद्रों पर अतिरिक्त हमले किए।
10 मई को गोलीबारी पर अस्थायी रोक लगाई गई। भारत ने इसे युद्धविराम नहीं बल्कि फायरिंग का विराम बताया। यह सिर्फ सामरिक सफलता नहीं थी।

























