ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ ) ने सांबा सेक्टर में अपनी एक पोस्ट का नाम सिंदूर और दो अन्य का नाम पाकिस्तान की तरफ से की गई गोलाबारी में शहीद हुए जवानों के नाम पर रखने का प्रस्ताव दिया है।
बीएसएफ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी कार्रवाई से जुड़ी जानकारी दी। बीएसएफ जम्मू के आईजी शशांक आनंद ने बताया कि 10 मई की सुबह पाकिस्तान ने हमारी पोस्ट पर ड्रोन हमले किए। इसमें बीएसएफ के सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज, कॉन्स्टेबल दीपक कुमार और भारतीय सेना के नायक सुनील कुमार शहीद हो गए थे। आईजी आनंद ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान फॉरवर्ड पोस्ट पर लड़ने वाली महिला जवानों की तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘हमारी बहादुर महिला कर्मियों, सहायक कमांडेंट नेहा भंडारी, कॉन्स्टेबल मंजीत कौर, कॉन्स्टेबल मलकीत कौर, कॉन्स्टेबल ज्योति, कॉन्स्टेबल सम्पा और कॉन्स्टेबल स्वप्ना और अन्य ने पाकिस्तान के खिलाफ फॉरवर्ड पोस्ट पर लड़ाई लड़ी।
आरएस पुरा सेक्टर के बीएसएफ डीआईजी चित्तर पाल ने बताया, ‘9 मई को पाकिस्तान ने फ्लैट ट्रैजेक्टरी हथियार और मोर्टार से हमारी कई पोस्ट को निशाना बनाया। उन्होंने बदुलियान गांव पर भी हमला किया। जवाब में बीएसएफ ने पाकिस्तानी आतंकी लॉन्चपैड मस्तपुर को नष्ट कर दिया। गोलीबारी के दौरान पाकिस्तानी सैनिक अपनी पोस्ट छोड़कर भाग रहे थे।’
सुंदरबनी सेक्टर के डीआईजी वीरेंद्र दत्ता ने बताया कि हमें लूनी में 18-20 आतंकियों के होने की खुफिया जानकारी मिली थी। उन्हें खत्म करने के लिए बीएसएफ ने 9 और 10 मई की रात को लूनी में लश्कर-ए-तैयबा के लॉन्चपैड पर प्लान्ड तरीके से हमला किया, जो इंटरनेशनल बॉर्डर से महज 3 किलोमीटर दूर पाकिस्तान में स्थित है। हमने टारगेट पूरा भी किया और लूनी पूरी तरह से नष्ट हो गया।
एलओसी और इंटरनेशनल बॉर्डर पर आतंकियों की घुसपैठ की सूचना
बीएसएफ आईजी, जम्मू शशांक आनंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हमें आतंकवादियों के अपने लॉन्च पैड्स और उनके शिविरों में लौटने की जानकारी मिली है। आतंकियों के नियंत्रण रेखा और इंटरनेशनल बॉर्डर पर घुसपैठ को लेकर भी इनपुट्स मिल रहे हैं। सुरक्षाबलों को अलर्ट रहने को कहा गया है। बीएसएफ डीआईजी एसएस मंड ने बताया कि 8 मई को निगरानी के दौरान बॉर्डर की ओर आ रहे 40-50 लोगों के मूवमेंट का पता चला था। हमने एहतियातन हमला किया। इसके तुरंत बाद, पाकिस्तान ने बीएसएफ की सीमा चौकियों पर गोलीबारी शुरू कर दी। हमने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। हमारे हमले में कई आतंकवादी, उनके समर्थक, रेंजर्स और अधिकारी घायल हुए हैं। शशांक आनंद ने बताया कि 9 मई को अखनूर के पास के इलाकों में पाकिस्तान ने बिना उकसावे के गोलीबारी की। 10 मई को भी हमले होते रहे। जवाबी कार्रवाई में बीएसएफ ने पाकिस्तान के आतंकी लॉन्च पैड नष्ट कर दिए।
तीनों सेना प्रमुख ऑपरेशन सिंदूर को मॉनीटर कर रहे थे
भारतीय सेना ने एक बुकलेट जारी की है। इसमें बताया गया कि 6-7 मई को लॉन्च किए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की तीनों सेना प्रमुख मॉनिटरिंग कर रहे थे। बुकलेट में दिखाया गया है कि कैसे वॉर रूम से पूरे ऑपरेशन पर नजर रखी जा रही थी।

























