ब्लिट्ज ब्यूरो
बारामती (महाराष्ट्र)। देश के प्रमुख उद्यमी और अडाणी ग्रुप के अध्यक्ष गौतम अडाणी का कहना है कि भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर अपने स्वदेशी मॉडल विकसित करने पर ध्यान देना होगा। उन्होंने विदेशी एआई मॉडलों पर निर्भरता को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा जोखिम बताया। गौतम अडाणी और एनसीपी (एसपी) नेता शरद पवार ने पुणे के बारामती में ‘शरद चंद्र पवार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस’ का उद्घाटन किया। अडाणी ग्रुप ने पवार परिवार के शैक्षिक संस्थान ‘विद्या प्रतिष्ठान’ में इस केंद्र को वित्तपोषित किया है। इस दौरान अपने संबोधन में अडाणी ने कहा कि कहा कि एआई चौथी औद्योगिक क्रांति की एक निर्णायक शक्ति के रूप में उभरा है।
कहा कि विदेशी तकनीक पर निर्भरता देश के लिए गंभीर आर्थिक और रणनीतिक जोखिम पैदा कर सकती है। अडाणी ने कहा कि देश में रोजगार सृजन महत्वपूर्ण पहलू है। 1.4 अरब लोगों का देश अपनी नौकरियों, डेटा, संस्कृति और सामूहिक बुद्धिमत्ता को विदेशी तकनीकों के भरोसे नहीं छोड़ सकता। इसे देखते हुए उन्होंने भारत में स्वदेशी एआई क्षमता के विकास पर जोर दिया।
अडाणी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत : पवार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-एसपी) मुखिया शरद पवार ने कहा कि गौतम अडाणी देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। वह गुजरात के सूखा प्रभावित क्षेत्र से आते हैं। बिना मजबूत संसाधनों के उन्होंने मुंबई में शून्य से शुरुआत की और आज अपने कारोबार को 23 राज्यों व विदेश तक विस्तार दिया है। इस दौरान सांसद सुप्रिया सुले, उप मुख्यमंत्री अजित पवार, राज्यसभा सांसद एस पवार और पवार परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।

























