ब्लिट्ज ब्यूरो
लखनऊ। प्रदेश में आगामी पर्व-त्योहारों और बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि त्योहार हर्षोल्लास से मनाए जाएं, लेकिन अराजकता और उपद्रव किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। शांति व्यवस्था में बाधा डालने वालों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
होली पर विशेष सावधानी
सीएम ने कहा कि 2 से 4 मार्च के बीच होली का पर्व मनाया जाएगा। ब्रज क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में शोभायात्राएं और कार्यक्रम आयोजित होंगे। ऐसे में किसी भी उपद्रवी तत्व की घुसपैठ न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखने, अफवाहों और भड़काऊ कंटेंट पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। होलिका-दहन केवल पारंपरिक स्थलों पर ही हो और सड़क या यातायात बाधित करने वाले स्थानों पर दहन न होने दिया जाए।
रमजान और ईद पर सौहार्द बनाए रखने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं के दौरान ही रमजान का महीना भी शुरू होगा और संभावित रूप से 21 मार्च को ईद मनाई जाएगी। स्थानीय प्रशासन धर्मगुरुओं से सतत संवाद बनाए रखे और कोई नई परंपरा शुरू न होने पाए, इसका ध्यान रखा जाए।
18 फरवरी से शुरू हुई यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को लेकर सीएम ने कहा कि परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाए। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी और सतर्कता के पुख्ता इंतजाम के निर्देश दिए गए हैं।
अवैध शराब, स्टंटबाजी और लाउडस्पीकर पर सख्ती
सीएम ने अवैध, जहरीली और नकली शराब के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश दिए। सड़कों पर स्टंटबाजी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। धर्मस्थलों के लाउडस्पीकरों की आवाज परिसर से बाहर न जाए, यह सुनिश्चित किया जाए।
रात 10 बजे के बाद डीजे और तेज ध्वनि उपकरणों के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। धर्मस्थलों के आसपास बढ़ती भिक्षावृत्ति पर रोक और जरूरतमंदों के पुनर्वास की योजना बनाने को कहा गया है।
जनगणना, ट्रैफिक व आपात सेवाओं पर फोकस
आगामी जनगणना के प्रथम चरण को लेकर डीएम को समय से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। शहरों में ट्रैफिक जाम की समस्या के स्थायी समाधान पर जोर दिया गया है। 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं के रिस्पॉन्स टाइम में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आपात सेवाओं में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं होगी।

























