ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार 26 फरवरी को कहा, “नौ वर्षों के बाद इजरायल की यात्रा मेरे लिए गर्व का क्षण है। कल मुझे ‘संसद अध्यक्ष पदक’ से सम्मानित किया गया। मैं यह सम्मान 140 करोड़ भारतीयों और भारत-इजरायल के बीच अटूट मित्रता को समर्पित करता हूं।”
दोनों देशों ने 16 समझौतों पर हस्ताक्षर किए और 11 घोषणाएं कीं जिसके परिणामस्वरूप कुल 27 महत्वपूर्ण द्विपक्षीय परिणाम सामने आए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देश नवाचार को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग स्थापित करेंगे। रक्षा को द्विपक्षीय संबंधों का प्रमुख स्तंभ बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल में भारत के एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) के उपयोग को शुरू करने के समझौते की घोषणा की और कहा कि दोनों पक्ष पारस्परिक रूप से लाभकारी मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे।
उन्होंने कहा, “भारत और इजरायल इस बात को लेकर पूरी तरह स्पष्ट हैं कि दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है। आतंकवाद को किसी भी रूप या अभिव्यक्ति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। हम आतंकवाद और उसके समर्थकों का विरोध करने में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हैं और आगे भी ऐसा करते रहेंगे।”
- – नवाचार बढ़ाने में अहम और उभरती प्रौद्योगिकियों में बढ़ेगा सहयोग
- -रक्षा को द्विपक्षीय संबंधों का प्रमुख स्तंभ बताया
- -इजरायल में चलेगा भारत का यूपीआई
- – कुल 27 महत्वपूर्ण द्विपक्षीय परिणाम आए सामने
- – दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं
प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राज्य अमेरिका की गाजा शांति योजना के प्रति भी समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत दृढ़ता से मानता है कि मानवता को संघर्ष के परिणाम नहीं भुगतने चाहिए। गाजा शांति योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसने शांति का मार्ग प्रशस्त किया है और दोहराया कि भारत ने ऐसे प्रयासों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भारत स्थायी स्थिरता और शांति को बढ़ावा देने के लिए सभी देशों के साथ संवाद और सहयोग जारी रखेगा।
भारत में जी2जी बैठक आयोजित होगी
नेतन्याहू ने यह भी घोषणा की कि दोनों पक्षों ने भारत में एक जी2जी बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है और कहा, जैसे ही हम इसका आयोजन कर सकेंगे, हम यहां उपस्थित विशिष्ट मंत्रियों को आमंत्रित करना चाहेंगे।

























