ब्लिट्ज ब्यूरो
लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ में नगर निगम कार्यकारिणी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4692 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी। सड़क निर्माण के लिए 271 करोड़ प्रस्तावित किए गए हैं, यह पुनरीक्षित बजट 332.40 करोड़ से 61 करोड़ रुपये कम हैं। सबसे ज्यादा सफाई और कूड़ा प्रबंधन पर 300 करोड़ रुपये खर्च होंगे। हर वार्ड में वेंडिंग जोन बनाकर बाजारों को जाम से निजात दिलाई जाएगी।
नगर निगम मुख्यालय में महापौर सुषमा खर्कवाल की अध्यक्षता में कार्यकारिणी की बैठक में नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बजट पेश किया। कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ चर्चा के बाद बिना किसी संशोधन के प्रस्तावित बजट को मंजूरी दे दी गई। इसमें किसी नए कर का प्रावधान नहीं किया गया है। कुछ पार्षदों ने वार्ड विकास निधि बढ़ाने की मांग की थी, जिसे कार्यकारिणी ने खारिज किया। महापौर और नगर आयुक्त के कोटे में भी कोई बदलाव नहीं हुआ। महापौर ने कहा कि बजट शहर के समग्र विकास, सफाई व्यवस्था, मजबूत आधारभूत ढांचे को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले वर्ष बजट नए प्रस्तावित कार्यालय भवन में प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक में अनुराग मिश्रा ‘अन्नू’, राजेश सिंह गब्बर रहे।
नगर निगम मुख्यालय में कार्यकारिणी की बैठक में महापौर सुषमा खर्कवाल के साथ नगर आयुक्त समेत निगम के आला अफसर और पार्षद आदि शामिल हुए। इस दौरान शहर के विकास संबंधी कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें सड़क, सफाई और बकाएदारी संबंधी मामलों पर विशेष फोकस रहा।
इन्हें गृह-जल कर से छूट
नगर निगम कर्मचारियों के घर का वार्षिक मूल्यांकन 900 तक पर 10 प्रतिशत, 900 से अधिक मूल्यांकन पर 15 प्रतिशत टैक्स लिया जाएगा।
परमवीर चक्र, अशोक चक्र तथा अन्य सैन्य अथवा शौर्य चक्र से सम्मानित व्यक्तियों अथवा विधवाओं को हाउस टैक्स में छूट दी जाएगी।
भारत रत्न, राष्ट्रपति से शौर्य पदक प्राप्त पुलिस कर्मी /अधिकारी तथा अर्जुन पदक प्राप्त खिलाड़ी भी हाउस टैक्स से मुक्त होंगे।
राष्ट्रीय स्तर के पत्रकार, वैज्ञानिक और खिलाड़ी सामान्य कर में आधी छूट पाने के अधिकारी होंगे। शर्त यह होगी कि नगर निगम सीमा में उनका एक ही आवासीय भवन हो और वह स्वयं उसमें निवास करते हो।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, उनकी विधवाएं और उनके आश्रित नाबालिग बच्चे एवं अविवाहित पुत्री भी सामान्य कर से मुक्त होंगे।
80 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक दृष्टिहीन अथवा विकलांग व्यक्तियों को भवन कर और जलकर में शत-प्रतिशत छूट मिलेगी।
50 प्रतिशत से अधिक किन्तु 80 प्रतिशत से कम दृष्टिहीन अथवा विकलांगजन को हाउस टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
जमीन : पीपीपी मॉडल पर मुहर समेत कई बड़े फैसले
खाली जमीनों को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने की तैयारी है। नगर निगम की जितनी भी खाली जमीनें हैं, उनका सर्वे कर सूची बना पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल से विकसित किया जाएगा। इस संबंध में एक विशेष टीम गठित की जाएगी, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारी भी शामिल होंगे। टीम प्रस्ताव तैयार करेगी, जिसमें जमीन का उपयोग, संभावित आय और विकास मॉडल का पूरा खाका होगा।
सड़क : निर्माण, मरम्मत पर 61 करोड़ खर्च घटाया
राजधानी की सड़कों की मरम्मत और नई सड़कों के निर्माण के लिए 271 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। नगर निगम का कहना है कि गड्ढामुक्त सड़कों और यातायात सुगमता के लिए यह राशि खर्च की जाएगी। हालांकि नगर निगम ने चालू वित्तीय वर्ष के पुनरीक्षित बजट में 332.40 करोड़ का प्रावधान किया था। इस लिहाज से 61 करोड़ रुपये सड़क के मद में घटाए गए हैं।
देनदारी : 60 करोड़ रुपये बढ़कर 405 तक पहुंची
बजट में 405 करोड़ रुपये पुराने कार्यों के भुगतान के लिए रखे गए हैं। यानी नगर निगम की देनदारी वित्तीय वर्ष 2026-27 में 405 करोड़ हो गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के पुनरीक्षित बजट में यह 345 करोड़ रुपये था। देनदारी 60 करोड़ रुपये बढ़ी है। कार्यदायी संस्थाओं के भुगतान के मद में पुनरीक्षित बजट में 130 करोड़ रुपये का प्रावधान था, जिसे घटाकर 100 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
कूड़ा प्रबंधन : 300 करोड़ खर्च का प्रस्ताव
बजट में सबसे अधिक जोर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर दिया गया है। इस मद में करीब 300 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। नगर निगम का दावा है कि इससे डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और सफाई व्यवस्था में सुधार होगा। हालांकि, बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से जूझने वाले इलाकों के लिए नालों की सफाई का बजट 15 करोड़ ही रखा गया है।

























