ब्लिट्ज ब्यूरो
लखनऊ। राज्य में जनसुनवाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने कड़े निर्देश जारी किए हुए हैं। स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक कार्य दिवस पर जिले में जिलाधिकारी (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुबह 10 बजे से 12 बजे तक अपने-अपने कार्यालयों में बैठकर जनसुनवाई करेंगे।
इसके बाद भी बड़ी संख्या में फरियादी राजधानी लखनऊ पहुंच रहे हैं जिससे जिला स्तर पर शिकायतों के निस्तारण में उम्मीद के मुताबिक तत्परता नहीं दिखाई पड़ रही है। इसी लापरवाही को रोकने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय ने अब जिलों में जनसुनवाई की सीधी मॉनिटरिंग का निर्णय लिया है। जनसुनवाई के निर्धारित समय में अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़ा जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे कार्यालय में उपस्थित रहकर शिकायतों की सुनवाई कर रहे हैं।
पिछले राजधानी में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी अधिकारियों को नियमित जनसुनवाई और शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए थे। इसके बाद मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद की ओर से सभी डीएम, एसएसपी और पुलिस आयुक्तों को पत्र भेजकर साफ किया गया है कि जनता दर्शन और जनसुनवाई के मामलों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पत्र में कहा गया है कि तहसील दिवस, थाना दिवस और पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को छोड़कर सभी पुलिस कमिश्नर, डीएम और एसपी/एसएसपी को सुबह 10 से 12 बजे तक अपने कार्यालय में मौजूद रहना अनिवार्य होगा।

























