ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। भारत-फिनलैंड के रिश्तों को एक बड़ा बढ़ावा देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने एक माइग्रेशन और मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट को औपचारिक रूप दिया, जिसका मकसद स्टूडेंट्स, रिसर्चर्स और प्रोफेशनल्स के आने-जाने को आसान बनाना है। पीएम मोदी ने फिनलैंड को भारतीय टैलेंट के लिए एक पसंदीदा जगह बताया और इस बात पर जोर दिया कि यह समझौता एकेडमिक इंस्टीट्यूशन्स और इंडस्ट्री के बीच की दूरी को कम करेगा। यह एग्रीमेंट खास तौर पर एंटरप्रेन्योरियल इकोसिस्टम को टारगेट करता है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 6जी और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे हाई-टेक फील्ड्स में जॉइंट रिसर्च और स्टार्टअप कोलेबोरेशन को बढ़ावा देता है।
फिनलैंड के राष्ट्रपति स्टब की भारत यात्रा पर विदेश मंत्रालय ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा और डिजिटल नवाचार जैसे क्षेत्रों में भारत-फिनलैंड संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। भारत और फिनलैंड ने डिजिटलीकरण और सतत विकास के क्षेत्र में संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक उन्नत किया। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।
माइग्रेशन व मोबिलिटी पार्टनरशिप
पेशेवरों, छात्रों, उद्यमियों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों की आवाजाही आसान होगी।
दोनों देशों के स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच सहयोग मजबूत होगा और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा.
युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
भारत-फिनलैंड द्विपक्षीय संबंधों को डिजिटलीकरण और सतत विकास के क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया गया।
भारत-फिनलैंड संबंधों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा
दूरसंचार, 5जी/6जी, उन्नत डेटा एनालिटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और एआई में सहयोग गहरा होगा।
सहयोग का विस्तार क्लीन टेक्नोलॉजी, नवीकरणीय ऊर्जा, सर्कुलर इकॉनमी और सतत शहरी समाधानों तक होगा।
- लोगों के बीच संपर्क: माइग्रेशन एवं मोबिलिटी पार्टनरशिप समझौते से छात्रों, प्रोफेशनल्स, शोधकर्ताओं, उद्यमियों की आवाजाही आसान होगी।
- शिक्षा, कौशल विकास और छात्र गतिशीलता में भी सहयोग बढ़ाया जाएगा।
- वैश्विक मुद्दों पर सहमति:
- दोनों देशों ने आतंकवाद की कड़ी निंदा की और उससे मिलकर लड़ने पर जोर दिया।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार का समर्थन किया गया और फिनलैंड ने भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन दोहराया।
- दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता के महत्व पर जोर दिया।
आगे की दिशा
डिजिटलीकरण और सस्टेनेबिलिटी पर जॉइंट वर्किंग ग्रुप बनाकर एक एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।
फिनलैंड के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को फिनलैंड आने का निमंत्रण दिया, जिसे प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया। पश्चिम एशिया में संघर्ष पर भी हुई चर्चा।
विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के बीच पश्चिम एशिया की स्थिति और वहां जारी संघर्ष पर भी चर्चा हुई।।
प्रमुख फैसले
- 2030 तक भारत-फिनलैंड व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया गया।
- डिजिटल टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ेगा, जिसमें 5G और 6G, क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग शामिल हैं।
- दोनों देशों ने स्टार्टअप, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा प्रणालियों में संयुक्त रिसर्च और इनोवेशन पर सहमति जताई।
- क्लीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोफ्यूल, स्मार्ट ग्रिड और सर्कुलर इकॉनमी में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।













