पार्थ नादपारा
नई दिल्ली। गत सोमवार को कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं जो 2022 के बाद पहली बार इतने ऊंचे स्तर पर हैं। इसके साथ ही दुनिया भर के लोग अमेरिका-ईरान युद्ध और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को हुए इसके नुकसान का असर महसूस करने लगे हैं। पेट्रोल, डीजल और अन्य ऊर्जा स्रोतों की बढ़ती कीमतों को लेकर जनता में दहशत फैलने के बाद दुनिया के कई हिस्सों की सरकारों ने इस संकट से निपटने के लिए कदम उठाए हैं।
पेट्रोल, डीजल और जेट ईंन्धन कच्चे तेल से उत्पादित होते हैं। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने पर इन आम इस्तेमाल होने वाले ईंन्धनों की लागत भी बढ़ जाती है। इन ईंन्धनों की आवश्यकता उपकरण, कार, बस, डिलीवरी ट्रक और विमान चलाने के लिए होती है।
कई देशों ने ईंन्धन की कमी से बचने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। खबरों के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य के लगभग बंद होने के कारण दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक सऊदी अरब को उत्पादन में कटौती करनी पड़ी है । संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और इराक ने भी इसी तरह के कदम उठाए हैं।
भारत : भारत ने घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने के लिए रिफाइनरियों को निर्देश दिए हैं । पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा कि तेल रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।
X पर जारी बयान में कहा गया है, “ईंन्धन आपूर्ति में मौजूदा भू-राजनीतिक व्यवधानों और एलपीजी आपूर्ति पर लगे प्रतिबंधों को देखते हुए, मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी का अधिक उत्पादन करने और अतिरिक्त उत्पादन का उपयोग घरेलू एलपीजी उपयोग के लिए करने के आदेश जारी किए हैं,”
पर्यावरण एवं मानव संसाधन मंत्रालय (एमओएनजी) ने यह भी कहा कि रेस्तरां, होटल और अन्य गैर-घरेलू क्षेत्रों के लिए एलपीजी आपूर्ति की जांच करने के लिए तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के तीन कार्यकारी निदेशकों की एक समिति का गठन किया गया है।
वियतनाम : वियतनाम के व्यापार मंत्रालय ने व्यवसायियों से आग्रह किया है कि वे कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दें ताकि ईरान युद्ध से जुड़ी आपूर्ति समस्याओं और बढ़ती कीमतों के बीच ईंन्धन की खपत को कम करने में मदद मिल सके। अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद से ईंन्धन की आपूर्ति में व्यवधान से सबसे अधिक प्रभावित देशों में वियतनाम भी शामिल है।
दक्षिण कोरिया : दक्षिण कोरिया, जो व्यापार और आयातित ईंन्धन पर काफी हद तक निर्भर है, ने ऊर्जा अवसंरचना पर ईरान के हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के प्रयासों पर चिंता जताई है जो दुनिया के तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा वहन करने वाला मार्ग है। राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कहा कि कीमतों में वृद्धि को रोकने के लिए सरकार लगभग 30 वर्षों में पहली बार घरेलू ईंन्धन की कीमतों पर सीमा लगाई है।
पाकिस्तान : पाकिस्तान ने ईंन्धन बचाने के कदम उठाए हैं। इसमें कर्मचारियों की संख्या आधी करना और चार दिन के कार्य सप्ताह में बदलाव करना शामिल है। अगले दो महीनों के लिए, सरकारी खर्च में 20 प्रतिशत की कटौती की जाएगी तथा ईंन्धन की कीमतों में 55 रुपये (20 सेंट) की वृद्धि की गई है।
चीन : चीन ने तेल भंडार का निर्माण जारी रखते हुए वर्ष के पहले दो महीनों के दौरान कच्चे तेल की खरीद में वृद्धि की। अतिरिक्त तेल को वाणिज्यिक और रणनीतिक भंडारों में जमा किया जा रहा हैै।
जापान : जापान सरकार ने राष्ट्रीय तेल भंडार स्थल को कच्चे तेल के संभावित रिलीज के लिए तैयार रहने को कहा है।
मिस्र : मिस्र ने कई ईंन्धन उत्पादों की कीमतों में वृद्धि की है। देश में सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाले ईंन्धनों में से एक, डीजल की कीमत में 3 मिस्र पाउंड की वृद्धि हुई और यह 17.50 पाउंड से बढ़कर 20.50 मिस्र पाउंड (0.3887 डॉलर) हो गई।
बांग्लादेश : बांग्लादेश के ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि देश ईंन्धन भंडार के स्तर की जांच के लिए निरीक्षण ईंन्धन राशनिंग भी शुरू कर दी गई है जिसमें कुछ वाहनों द्वारा खरीदे जा सकने वाले ईंन्धन की मात्रा पर सीमा लगा दी गई है। बिजली और ईंन्धन की बचत के लिए आपातकालीन उपायों के तहत सभी विश्वविद्यालयों को बंद कर दिया गया है और ईद अल-फितर की छुट्टियों को आगे बढ़ा दिया गया है।






