ब्लिट्ज ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क नेटवर्क को और मजबूत बनाने के लिए लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे पर काम शुरू होने जा रहा है। इस परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीईडा) ने टेंडर जारी कर दिए हैं। यह नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे करीब 50.94 किलोमीटर लंबा होगा। इस सड़क को शुरुआत में 6-लेन बनाया जाएगा, जिसे आगे चलकर 8-लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 2,864.82 करोड़ रुपये तय की गई है। इसे 36 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
क्या है पूरा प्रोजेक्ट
यह एक्सप्रेसवे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बीच सीधा संपर्क बनाएगा। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पूर्वांचल तक सफर काफी आसान हो जाएगा। यूपीईडा की ओर से ईपीसी मोड पर लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे के कंस्ट्रक्शन और मेंटेनेंस के लिए टेंडर मंगाए गए हैं। लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे के टेंडर से जुड़ी जानकारी इस प्रकार है –
परियोजना का नाम – लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे
कुल लंबाई – 50.94 किमी
एक्सप्रेसवे का प्रकार – ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
लेन संरचना – 6 लेन (भविष्य में 8 लेन तक विस्तार योग्य)
अनुमानित लागत – 2,864.82 करोड़
प्रति किमी अनुमानित लागत – लगभग ₹56.2 करोड़ प्रति किमी
टेंडर जारी करने वाली एजेंसी – उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण
टेंडर मॉडल – ईपीसी मोड ( इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन)
निर्माण अवधि – •36 महीने
प्रारंभ बिंदु – आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे (294 किमी माइलस्टोन के पास)
अंतिम बिंदु – पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (6 किमी प्वाइंट के पास)
अधिकतम डिजाइन स्पीड – 120 किमी/घंटा
प्रमुख कनेक्टिविटी – आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा
लाभान्वित शहर – लखनऊ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर
संभावित लाभ – यात्रा समय में कमी, लॉजिस्टिक्स लागत कम, शहरों में ट्रैफिक कम
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होंगे सीधे कनेक्ट
लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह प्रदेश के दो प्रमुख हाई-स्पीड कॉरिडोर को आपस में जोड़ेगा। यह मार्ग आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के 294 किलोमीटर माइलस्टोन के पास से शुरू होगा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के 6 किलोमीटर प्वाइंट के पास जाकर जुड़ेगा। अभी पश्चिमी यूपी से पूर्वांचल की ओर जाने वाले वाहनों को लखनऊ शहर के आसपास भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है। नए लिंक बनने के बाद लंबी दूरी के वाहन सीधे एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए गुजर सकेंगे। उन्हें शहर के भीतर प्रवेश करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे यात्रा समय कम होगा और ईंधन की बचत भी होगी। खासकर ट्रक और लॉजिस्टिक्स वाहनों के लिए यह मार्ग काफी फायदेमंद रहेगा।
एक्सप्रेसवे नेटवर्क से कनेक्टिविटी
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे 302 किमी
पश्चिमी यूपी से लखनऊ पूर्वांचल एक्सप्रेसवे 340 किमी
लखनऊ से पूर्वी उत्तर प्रदेश लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे 50.94 किमी
लखनऊ लिंक एक्सप्रेस-वे बनने से लखनऊ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गाजीपुर जैसे शहरों के बीच आवाजाही तेज होगी। इससे औद्योगिक विकास, व्यापार, पर्यटन और रियल एस्टेट को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। लखनऊ शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। जब बाहरी और भारी वाहन सीधे लिंक एक्सप्रेसवे से गुजरेंगे, तो शहर के अंदर जाम की समस्या घटेगी। इससे प्रदूषण में भी कमी आएगी और स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को एक मजबूत एक्सप्रेसवे ग्रिड देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।













