ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (सीबीडीटी) ने इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के लिए नए नियमों का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इनमें नौकरीपेशा लोगों को मकान किराये (एचआरए) पर मिलने वाली टैक्स छूट का दायरा बढ़ा दिया गया है। ये नियम 1 अप्रैल से लागू हो जाएंगे।
नए नियमों में अब एक वित्तीय वर्ष में 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा का कैश निकालने या जमा करने पर पैन कार्ड देना अनिवार्य होगा। फिलहाल, एक दिन में 50,000 रुपये से ज्यादा जमा करने पर ही पैन की जरूरत होती है। गाड़ी खरीदने के मामले में, अगर कीमत 5 लाख रुपये से ज्यादा है तो पैन देना होगा। पुराने नियमों में टू-वीलर के लिए पैन की जरूरत नहीं थी और कारों के लिए यह हर कीमत पर जरूरी था।
होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल या इवेंट मैनेजमेंट के 1 लाख रुपये से ज्यादा के बिल पर भी पैन कार्ड अनिवार्य होगा। पहले यह लिमिट 50,000 रुपये थी। वहीं, प्रॉपर्टी खरीदने, बेचने या गिफ्ट देने के मामले में अब 20 लाख रुपये से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर पैन देना होगा, जो पहले 10 लाख रुपये था। वहीं, नौकरीपेशा लोगों के लिए एचआरए छूट का पुराना ढांचा बरकरार रखा गया है लेकिन 50 फीसदी टैक्स छूट के दायरे में आने वाले शहरों की संख्या दोगुनी कर दी गई है।
अहम बातें
कैश ट्रांजेक्शन, कार, प्रॉपर्टी, होटल बिलों के लिए पैन कार्ड देने की लिमिट बढ़ाई गई है।
कैश डिपॉजिट विड्रॉल पैन लिमिटः साल में 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा।
प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शन पैन लिमिट ः 20 लाख रुपये से ज्यादा।
होटल बिल पैन लिमिटः 1 लाख रुपये से ज्यादा।
कार खरीद पैन लिमिटः 5 लाख रुपये से ज्यादा।
क्रिप्टो एक्सचेजों के लिए टैक्स विभाग को जानकारी देना अनिवार्य कर दिया गया है।
इलेक्टि्रक गाड़ियों को भी अब टैक्स बेनिफिट के मामले में छोटी कारों के बराबर दर्जा दिया गया है।
एचआरए छूट: 8 शहरों में 50% ।
आप ईमानदार हैं, तो सिस्टम आपकी जिंदगी आसान बनाएगा। कर चोरी करेंगे तो सिस्टम आपको पकड़ लेगा।
– निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री













