ब्लिट्ज ब्यूरो
राजसमन्द। राजस्थान के राजसमंद जिले के नाथद्वारा से बड़ी और खास खबर सामने आई है। श्रीनाथजी की नगरी में आस्था और भव्यता का अनूठा संगम देखने को मिला, जब करीब 500 फीट ऊंचे गिरिराज पर्वत पर भगवान बालाजी की 131 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा का भव्य लोकार्पण किया गया।
प्रतिमा का उद्घाटन सुबह 9 बजे विशाल बावा द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अनुष्ठान और हवन के साथ किया गया। इस अवसर पर गिरीश भाई शाह सहित कई गणमान्य अतिथि, मंदिर प्रशासन के अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। यह भव्य प्रतिमा नाथद्वारा में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। इससे पहले भी श्रीनाथजी नगरी में विश्व की सबसे बड़ी शिव प्रतिमा विश्वास स्वरूप स्थापित की जा चुकी है, जिसने इस क्षेत्र को पहले ही आस्था का प्रमुख केंद्र बना दिया था।
प्रतिमा निर्माण में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
इस भव्य प्रतिमा का निर्माण विश्व प्रसिद्ध मूर्तिकार नरेश कुमावत ने आधुनिक तकनीक और मजबूत संरचना के साथ तीन वर्षों में पूरा किया। निर्माण में 115 टन स्टील और 40 टन फाइबर ग्लास का उपयोग किया गया, साथ ही एम30 ग्रेट आईसीसी उच्च गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिससे प्रतिमा की मजबूती और दीर्घायु सुनिश्चित हो सके। इससे पहले उन्होंने यहां विश्व की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा ‘विश्वास स्वरूपम’ का निर्माण किया था। नाथद्वारा में इस नए धार्मिक आकर्षण के बनने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह और भी अधिक आकर्षक स्थल बन गया है, जो न केवल आस्था का केंद्र है बल्कि राजस्थान के सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन को भी नई पहचान देगा।
प्रसिद्ध मूर्तिकार नरेश कुमावत ने बताया कि प्रतिमा जिस जगह पर बनाई गई थी। उसकी ऊंचाई करीब 20 फीट है। प्रतिमा की ऊंचाई 111 फीट ऊंची है। ऐसे देखा जाए तो जमीन से कुल लंबाई 131 फीट है।













