ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। इंद्रप्रस्थ सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (आईआईआईटी-दिल्ली) ने वायरलेस संचार के क्षेत्र में अहम उपलब्धि हासिल की है। संस्थान को भारतीय पेटेंट कार्यालय से एक नए स्मार्ट रेडियो सिस्टम के लिए पेटेंट मिला है, जो भविष्य की 6-जी तकनीक की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह नया सिस्टम ‘रीकन्फिगरेबल इंटेलिजेंट सरफेस’ (आरआईएस) तकनीक पर आधारित है, जो कमजोर सिग्नल या बाधा वाले क्षेत्रों में भी बेहतर नेटवर्क उपलब्ध कराता है। इस तकनीक की खासियत यह है कि यह बिना सीधे सिग्नल के रास्ते (नॉन-लाइन-ऑफ-साइट) में भी संचार को मजबूत बनाए रखती है।
इस तकनीक का सफल प्रदर्शन इंडियन मोबाइल कांग्रेस 2024 में किया गया, जहां इसके व्यावहारिक उपयोग को दिखाया गया।
आरआईएस का उपयोग 5जी-6 जी नेटवर्क, स्मार्ट सिटी, मॉल-ऑफिस जैसे इनडोर क्षेत्रों, ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट पहुंचाने में किया जा सकता है।
साथ ही रक्षा व आपदा प्रबंधन तथा औद्योगिक इकाइयों में बेहतर और भरोसेमंद संचार सुनिश्चित करने में किया जा सकता है। इस शोध में डॉ. देविदास कुंडू, खगेन्द्र जोशी, दीपक कुमार साहू और प्रो. विवेक अशोक बोहरा ने योगदान दिया है। प्रो. विवेक अशोक बोहरा ने कहा कि यह पेटेंट अगली पीढ़ी की वायरलेस तकनीकों को व्यावहारिक रूप देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
यह भविष्य में स्मार्ट संचार नेटवर्क को मजबूत करेगा। इस उपलब्धि से आईआईआईटी-दिल्ली की पहचान एक अग्रणी शोध संस्थान के रूप में और मजबूत हुई है।
क्या है आरआईएस
रीकन्फिगरेबल इंटेलिजेंट सरफेस एक ऐसी उन्नत तकनीक है, जिसमें खास तरह की सतह (पैनल) लगाई जाती है। ये सतह वायरलेस सिग्नल को नियंत्रित करके सही दिशा में भेजती है। आसान शब्दों में कहें तो जहां मोबाइल नेटवर्क कमजोर होता है या सिग्नल सीधे नहीं पहुंच पाता, वहां यह तकनीक सिग्नल को मोड़कर (रिफ्लेक्ट करके) यूजर तक पहुंचाती है।













