आस्था भट्टाचार्य
नई दिल्ली। भारत की न्यूक्लियर पावर में और इजाफा हुआ है। तीसरी न्यूक्लियर सबमरीन को नेवी में शामिल किया गया है, जो अब स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड का हिस्सा बन जाएगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजदूगी में तीसरी स्वदेशी न्यूक्लियर पावर्ड बैलेस्टिक मिसाइल सबमरीन (एसएसबीएन) अरिदमन को कमिशन किया गया।
जितने भी न्यूक्लियर वेपन हैं वे सब स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड के तहत आते हैं, जो सीधे पीएमओ को रिपोर्ट करती है। आईएनएस अरिदमन भारत की तीसरी न्यूक्लियर मिसाइल सबमरीन है। भारत के पास पहले से आईएनएस अरिहंत और आईएनएस अरिघात हैं। चौथी एसएसबीएन के भी ट्रायल चल रहे हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- शब्द नहीं शक्ति है, ‘अरिदमन’!
न्यूक्लियर सबरमीन दो तरह की होती है। न्यूक्लियर अटैक सबमरीन (एसएसएन) और न्यूक्लियर मिसाइल सबमरीन (एसएसबीएन)। न्यूक्लियर मिसाइल सबमरीन न्यूक्लियर वेपन कैरी करती हैं। यह न्यूक्लियर डिटरेंस के लिए होती है और इनका रोजमर्रा का ऑपरेशनल रोल नहीं है। न्यूक्लियर अटैक सबमरीन में न्यूक्लियर वेपन नहीं होता। यह कंवेंशनल सबमरीन की तरह होती है। इसे ऊर्जा न्यूक्लियर ईंन्धन से मिलती है।
हमारी ऊर्जा सुरक्षा समुद्र पर निर्भर: राजनाथ
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि 11,000 किलोमीटर से अधिक लंबी कोस्टलाइन वाला और तीन ओर से समुद्र से घिरा भारत अपने विकास को समुद्र से अलग करके नहीं देख सकता। देश का लगभग 95 प्रतिशत व्यापार समुद्री मार्गों से होता है और हमारी ऊर्जा सुरक्षा भी समुद्र पर निर्भर करती है। ऐसे में एक मजबूत और सक्षम नेवी हमारे लिए विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता है।
मिलेंगे दो और वॉरशिप
नेवी को इस साल दो और फ्रिगेट मिलेंगे। अभी नेवी के पास 13 डिस्ट्रॉयर और 17 फ्रिगेट हैं। फ्रीगेट और डिस्ट्रॉयर दोनों ही वॉरशिप हैं लेकिन फ्रिगेट साइज में कुछ छोटा होता है और फ्रिगेट के मुकाबले डिस्ट्रॉयर करीब डेढ़ गुना बड़ा होता है।
स्टील्थ फ्रिगेट तारागिरी को भी कमिशन
रक्षा मंत्री की मौजदूगी में नया स्टील्थ फ्रिगेट तारागिरी को भी नेवी में कमिशन किया गया। ये प्रोजेक्ट- 17 ए क्लास का चौथा वॉरशिप है। 6670 टन के इस फ्रिगेट में पुराने फ्रिगेट के डिजाइन के मुकाबले काफी बदलाव किए गए हैं। ये ज्यादा स्लीक है जिसकी वजह से ये रडार की पकड़ में कम आएगा। स्टेल्थ होने की वजह से ये छिपकर प्रभावी तरीके से ऑपरेट कर सकता है। इसे हर तरह के समुद्री मिशन के लिए तैयार किया गया है। इस वॉरशिप में आधुनिक और ताकतवर हथियार लगे हैं। इसमें सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और पनडुब्बियों से निपटने के लिए खास सिस्टम है।













