ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश सरकार ने भारत के पहले स्वदेशी स्टेल्थ फाइटर जेट एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट -एएमसीए के निर्माण के लिए 600 एकड़ जमीन मंजूर कर दी है। यह फैसला राज्य कैबिनेट ने लिया। यह प्लांट श्री सत्य साई जिले में बनेगा। यहां फाइनल असेंबली, प्रोटोटाइप डेवलपमेंट, ग्राउंड टेस्टिंग, फ्लाइट कॉम्प्लेक्स और वैज्ञानिकों के लिए हाउसिंग की सुविधाएं बनेंगी।
इस प्लांट में 140 जेट्स बनेंगे और 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश आएगा। प्रोटोटाइप 2027 तक तैयार होने की उम्मीद है। इसमें प्राइवेट कंपनियां जैसे टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, एलएंडटी और भारत फोर्ज जैसी कंपनियां पार्टनरशिप में काम करेंगी। खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट में एचएएल (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) को बायपास किया गया है। इससे प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी बढ़ेगी और काम तेजी से होगा।
क्यों चुना गया श्री सत्य साई जिला?
इस जगह को इसलिए चुना गया क्योंकि यह बेंगलुरु में स्थित एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) के बहुत करीब है। वहां पहले से ही एएमसीए का डिजाइन और विकास का काम चल रहा है। इलाके में एयरस्ट्रिप भी है, जो टेस्टिंग के लिए बहुत जरूरी है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने 2025 में ही इस प्रोजेक्ट के लिए आंध्र प्रदेश को प्राथमिकता देने की पिच दी थी। अब कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी है।
एएमसीए स्टेल्थ फाइटर क्या है?
एएमसीए भारत का पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर जेट है। यह दुश्मन के रडार में आसानी से पकड़ा नहीं जा सकता। इसमें एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, सुपरक्रूज स्पीड, बेहतरीन एवियोनिक्स और मल्टी-रोल क्षमता होगी। यह राफेल और एसयू-30 एमकेआई जैसे मौजूदा जेट्स से ज्यादा एडवांस्ड होगा। प्रोटोटाइप 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह प्रोजेक्ट भारत को विदेशी जेट्स पर निर्भरता कम करने में मदद करेगा। प्राइवेट कंपनियों की भागीदारी से टेक्नोलॉजी ट्रांसफर तेज होगा और रोजगार भी बढ़ेगा। वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के लिए हाउसिंग बनने से टैलेंट यहां आएगा। कुल मिलाकर यह प्लांट भारत की एयरोस्पेस इंडस्ट्री को नई ऊंचाई देगा।
140 जेट्स बनने से भारतीय वायुसेना मजबूत होगी। यह प्रोजेक्ट निर्यात के लिए भी अवसर खोल सकता है। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक भारत रक्षा उपकरणों में बड़ा निर्यातक बने। आंध्र प्रदेश को यह प्रोजेक्ट औद्योगिक विकास और रोजगार दोनों देगा।












