ब्लिट्ज ब्यूरो
बीजिंग। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को चीन के राष्ट्रपति के साथ हुई शिखर वार्ता को बहुत ऐतिहासिक कहा है। इसके साथ ही उन्होंने जी2 को लेकर बड़ी बात कही है। अमेरिकी ब्रॉडकास्टर फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने अमेरिका और चीन को जी2 (ग्रुप ऑफ टू) कहकर संबोधित किया और कहा कि ये दो महान देश हैं। मुझे लगता है कि इतिहास में इसे एक बहुत ही महत्वपूर्ण पल के तौर पर याद किया जाएगा। गुरुवार के शिखर सम्मेलन ने एक बात साफ कर दी है कि चीन अब खुद को अमेरिका के साथ एक जी2 ताकत के रूप में देखता है।
गुरुवार को हुए शिखर सम्मेलन के दौरान जो बात सबसे महत्वपूर्ण थी, वह दोनों नेताओं को रचनात्मक रणनीतिक स्थिरता पर आधारित संबंध बनाने पर सहमति थी। यह एक ऐसा विचार था, जिसने एक नए जी-2 युग के आगमन का संकेत दिया। यह एक ऐसी संभावित व्यवस्था होगी जिसमें चीन और अमेरिका वैश्विक वर्चस्व साझा करेंगे।
गुरुवार को शिखर बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने ट्रंप से एक दिलचस्प सवाल पूछा। उन्होंने कहा कि क्या चीन और अमेरिका थ्यूसीडाइड्स ट्रैप से उबरकर बड़े देशों का आपसी संबंधों का एक नया प्रतिमान स्थापित कर सकते हैं? थ्यूसीडाइड्स ट्रैप प्राचीन यूनानी सिद्धांत है, जिसके अनुसार उभरती हुई शक्तियां और पहले स्थापित वर्चस्व वाल देश आपस में अविश्वास और डर के चलते अक्सर युद्ध की ओर बढ़ जाते हैं।
चीन रवाना होने से पहले भी डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसी टिप्पणियां की, जो जी-2 की ही आवाज प्रतीत होती हैं। उन्होंने कहा, हम दो महाशक्तियां हैं। सैन्य शक्ति के मामले में हम पृथ्वी पर सबसे शक्तिशाली राष्ट्र हैं। चीन को दूसरे स्थान पर माना जाता है।
अमेरिका-चीन का वर्चस्व भारत के लिए खतरा
भारत, ब्राजील और ब्रिक्स देशों के समूह में शामिल अन्य प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाएं अमेरिका और चीन के बढ़ते संबंधों को अपने वैश्विक ताकत बनने के लिए चुनौती के तौर पर देखती हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि अमेरिका में चीनी निवेश से जुड़ा कोई भी समझौता ग्लोबल साउथ के देशों से पूंजी और तकनीक को अमेरिका की ओर मोड़ देगा। इन देशों में चीन ने हाल के वर्षों में भारी निवेश किया है।
राष्ट्रपति ट्रंप का दावा- चीन 200 बोइंग जेट खरीदेगा
चीन अमेरिका से 200 बोइंग जेट खरीदने पर सहमत हो गया है। ये दावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया है। हालांकि, अनुमान 500 जेट के ऑर्डर का था। अमेरिकी वित्त मंत्री ने ट्रंप के बीजिंग दौरे से पहले कहा था कि चीन बड़े बोइंग ऑर्डर की घोषणा कर सकता है। नौ साल पहले बीजिंग ने 300 बोइंग विमान खरीदने पर सहमति व्यक्त की थी।













