ब्लिट्ज ब्यूरो
पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने 72वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगिता परीक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और गड़बड़ियों को रोकने के लिए ऑप्शन ई को अनिवार्य कर दिया है।
बिहार लोक सेवा आयोग ने इस परीक्षा के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस बार की परीक्षा केवल पदों की संख्या के कारण ही नहीं, बल्कि परीक्षा पद्धति में किए गए बड़े बदलावों के कारण भी चर्चा में है। आयोग ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने और गड़बड़ियों को रोकने के लिए ‘ई’ विकल्प को अनिवार्य कर दिया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब प्रश्नों को बिना उत्तर दिए खाली छोड़ने पर उम्मीदवारों को पेनल्टी (जुर्माना) भरनी होगी।
इस नई व्यवस्था के तहत, यदि कोई अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता, तो उसे अनिवार्य रूप से विकल्प ‘ई’ का चयन करना होगा। यदि वह प्रश्न को पूरी तरह खाली छोड़ देता है, तो उसके अंक काट लिए जाएंगे।
क्या है अनिवार्य ‘ई’ विकल्प और पेनल्टी का गणित
बीपीएससी ने प्रारंभिक परीक्षा के फॉर्मेट में एक कड़ा बदलाव किया है। अब तक अभ्यर्थी जिन प्रश्नों के उत्तर नहीं जानते थे, उन्हें खाली छोड़ देते थे। लेकिन अब नियम बदल गए हैं। ओएमआर शीट पर हर प्रश्न के लिए पांच विकल्प (ए, बी, सी, डी और ई) होंगे। यदि आपको किसी प्रश्न का सही उत्तर नहीं पता है, तो आपको ‘ई’ विकल्प को गोला करना होगा। यह दर्शाता है कि आपने जानबूझकर उस प्रश्न का उत्तर नहीं दिया है। यदि आप न तो सही विकल्प चुनते हैं और न ही ‘ई’ विकल्प को भरते हैं (यानी प्रश्न खाली छोड़ देते हैं), तो इसे एक गलत प्रयास माना जाएगा और 1/3 अंक की नेगेटिव मार्किंग के रूप में पेनल्टी काटी जाएगी।
आयोग ने कुल 1230 रिक्तियों की घोषणा की है। इनमें प्रशासनिक और पुलिस सेवाओं के कई प्रतिष्ठित पद शामिल हैं। इन पदों के अलावा अन्य पद शामिल हैं। कुल पदों में से 359 पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं।
आवेदन प्रक्रिया और योग्यता
72वीं संयुक्त परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का स्नातक पास होना अनिवार्य है। सामान्य वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा 37 वर्ष है, जबकि आरक्षित वर्गों और महिलाओं के लिए इसमें नियमानुसार छूट दी गई है।
बायोमेट्रिक शुल्क का ध्यान रखें
अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे ऑनलाइन आवेदन के समय अपनी आधार संख्या जरूर दें। यदि कोई अभ्यर्थी आधार नंबर नहीं देता है, तो उसे पहचान के फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए 200 रुपये अतिरिक्त बायोमेट्रिक शुल्क का भुगतान करना होगा।
परीक्षा की तैयारी और रणनीति
परीक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ‘ई’ विकल्प अनिवार्य होने से अब छात्रों को अपनी रणनीति बदलनी होगी। अब केवल सही उत्तर ढूंढ़ना काफी नहीं है, बल्कि ओएमआर भरते समय अत्यधिक सावधानी बरतनी होगी। एक भी गोला खाली छोड़ना आपके कुल स्कोर को कम कर सकता है। यह कदम ओएमआर शीट में परीक्षा के बाद होने वाली संभावित छेड़छाड़ को रोकने के लिए उठाया गया है।
भर्ती की डिटेल्स: 1230 पदों पर होगी बहाली
बिहार प्रशासनिक सेवा (एसडीएम / वरीय समाहर्त्ता) – 100 पद
पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के 22 पद
राजस्व अधिकारी – 365 पद
ग्रामीण विकास पदाधिकारी- 65 पद
राज्य-कर सहायक आयुक्त – 76 पद
सहकारिता प्रसार पदाधिकारी- 130 पद
प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी- 70 पद













