ब्लिट्ज ब्यूरो
सोमनाथ। गुजरात में सोमनाथ मंदिर दोबारा बनने के 75 साल पूरे होने पर आयोजित ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कुंभाभिषेक किया। इस दौरान 1998 के पोकरण परमाणु परीक्षण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई भी ताकत भारत को झुका नहीं सकती या दबाव में नहीं ला सकती।
पीएम ने विशेष डाक टिकट भी जारी किया
इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगर 1947 में भारत आजाद हुआ था, तो 1951 में सोमनाथ की प्राण प्रतिष्ठा ने देश की स्वतंत्र चेतना का उद्घोष किया था। 11 मई केवल सोमनाथ मंदिर के नए स्वरूप में प्राण प्रतिष्ठा के लिए ही नहीं, बल्कि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 1998 में इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारत ने परमाणु परीक्षण किए थे। उन्होंने कहा, ‘हमारे वैज्ञानिकों ने भारत के सामर्थ्य और क्षमता को दुनिया के सामने रखा तो तूफान आ गया। कई देश नाराज हो गए। भारत पर प्रतिबंध लगाए गए। ऐसे हालात में कोई भी देश हिल सकता था, लेकिन भारत मजबूती से खड़ा रहा।’ उन्होंने वैश्विक दबाव के आगे नहीं झुकने के लिए तत्कालीन वाजपेयी सरकार की तारीफ की।

उन्हाेंने कहा कि सोमनाथ हमें याद दिलाता है कि कोई भी राष्ट्र तभी लंबे समय तक मजबूत रह सकता है, जब वह अपनी जड़ों से जुड़ा रहे। पीएम मोदी ने इस अवसर पर एक विशेष डाक टिकट भी जारी किया।
दुर्भाग्य से देश में ऐसी शक्तियां आज भी प्रभावी है, जिन्हें राष्ट्रीय स्वाभिमान से ज्यादा तुष्टीकरण जरूरी लगता है। इस तरह की संकुचित राजनीति को पीछे छोड़ हमें विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ना होगा।– नरेन्द्र मोदी, प्रधानमंत्री
11 तीर्थों के जल से कुंभाभिषेक, पुष्पवर्षा
पीएम मोदी ने प्रभास पाटन स्थित सोमनाथ महादेव ज्योतिर्लिंग मंदिर में विशेष महापूजा, कुंभाभिषेक और ध्वजारोहण समारोह में भाग लिया। मंत्रों के बीच 11 तीर्थ स्थलों से लाए गए जल से मंदिर शिखर का अभिषेक किया गया और 90 मीटर ऊंची क्रेन की सहायता से मंदिर के शीर्ष पर कलश स्थापित किया।
एयर शो ने बढ़ाया रोमांच
इस आयोजन को और भव्य बनाने के लिए वायु सेना की सूर्य किरण एरोबेटिक टीम ने शानदार एयर शो पेश किया।
6 विमानों ने सोमनाथ मंदिर के ऊपर आकर्षक फॉर्मेशन में उड़ान भरकर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को रोमांचित कर दिया।
हॉक एमके-132 विमानों ने एयर शो के दौरान 800 से 900 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरी।













