ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स देशों का समूह बहुपक्षवाद को मजबूत करने, सतत विकास को बढ़ावा देने और अधिक समावेशी विश्व व्यवस्था बनाने की दिशा में मिलकर काम करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने पांच देशों की यात्रा पर जाने से पहले पीएम मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन में आए विदेश मंत्रियों से भेंट की।
इस दौरान उन्होंने कहा कि ब्रिक्स आज उभरती अर्थव्यवस्थाओं के सहयोग का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है और यह ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को आवाज देने का कार्य कर रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारत की अध्यक्षता के दौरान ब्रिक्स संगठन आर्थिक मजबूती बढ़ाने, वैश्विक सहयोग को मजबूत करने और संतुलित विश्व व्यवस्था तैयार करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाएगा।
सभी देशों को समान अवसर मिलें
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में विकासशील देशों की आवाज को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से रखने की आवश्यकता है। ब्रिक्स इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में बहुपक्षवाद यानी मल्टीलेटरलिज्म को मजबूत करना समय की जरूरत है। भारत चाहता है कि सभी देशों को समान अवसर मिले और वैश्विक संस्थाओं में संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो।
– उभरती अर्थव्यवस्थाओं के सहयोग का महत्वपूर्ण मंच बना भारत
– ब्रिक्स विदेश मंत्रियों व प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों से मिले पीएम
दो दिवसीय ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक नई दिल्ली में आयोजित हुई। भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने की। इस उच्चस्तरीय बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों और कई साझेदार देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में आर्थिक सहयोग, वैश्विक सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और विकासशील देशों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री ने बैठक में शामिल ईरान, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका सहित अन्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत पर प्रसन्नता व्यक्त की।
मोदी ने ब्रिक्स में क्या कहा
भारत की अध्यक्षता : 2026 में भारत की अध्यक्षता में, ब्रिक्स सहयोग बढ़ाने, आर्थिक लचीलापन और एक समावेशी विश्व व्यवस्था बनाने के लिए मिलकर काम करेगा।
विकासशील देशों की आकांक्षा : उन्होंने कहा कि ब्रिक्स विकासशील देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने और उनके बीच सहयोग बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है।
संवाद और कूटनीति : रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ मुलाकात के दौरान मोदी ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संदर्भ में ‘संवाद और कूटनीति’ को सबसे अच्छा रास्ता बताया।
सहयोग पर ध्यान : इस साल का विषय ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ पर केंद्रित है।
इन विदेश मंत्रियों से मिले मोदी
ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची, इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगिओनो, मलेशिया के विदेश मंत्री दातो सेरी उतामा मोहम्मद बिन हाजी हसन, संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मामलों के राज्य मंत्री खलीफा शाहीन अल मरार और दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला से पीएम मोदी ने मुलाकात की। बैठक के दौरान पारस्परिक हित के वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार विमर्श किया।












