ब्लिट्ज ब्यूरो
नीस। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि नवाचार भारत के डीएनए में है। गणित हो या खगोल विज्ञान, चिकित्सा हो या योग, भारत हजारों वर्षों से अपने ज्ञान और नवाचार से दुनिया को नई दिशा देता रहा है। एक दशक पहले दुनिया भारत को प्रौद्योगिकी अपनाने वाले देश के तौर पर देखती थी, अब यह प्रौद्योगिकी प्रदाता के तौर पर उभर रहा है।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ नीस शहर में भारत इनीवेट्स-2026 के उद्घाटन के मौके पर पीएम मोदी ने कहा, भारत अब समाधानों का उपभोक्ता नहीं रहा, बल्कि पूरी दुनिया को समाधान देने वाला बन चुका है। समाधान का फायदा मानवता के बड़े हिस्से को मिलता है।
तीन दिवसीय यह आयोजन भारत और फ्रांस का साझा कार्यक्रम है, जो 16 जून तक चला। राष्ट्रपति मैक्रों ने नवाचार समेत विभिन्न क्षेत्रों में भारत की प्रगति की सराहना की। वहीं, एंथ्रोपिक के एडवांस्ड एआई मॉडल्स तक विदेशियों की पहुंच रोकने को लेकर अमेरिका पर निशाना भी साधा। कहा, कुछ देश एआई का इस्तेमाल सीमित करना चाहते हैं। इस क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए मैक्रों ने कहा, भारत-फ्रांस खुले, बहुभाषी एवं सहयोगी एआई मॉडल के पक्षधर हैं।
पीएम मोदी ने कहा, भारत-फ्रांस का रिश्ता सिर्फ व्यापार या रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं है। यह भरोसे, साझा सोच और साझा लक्ष्यों पर आधारित है। रिश्ते में नवाचार है, प्रेरणा है, साझे मूल्य व साझा दृष्टिकोण भी है। मोदी ने कहा, फरवरी में भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष की शुरुआत हुई थी। उसके साथ भारत इनोवेट्स की भी शुरुआत हो रही है। उन्होंने आयोजन को भारतीय प्रतिभा व यूरोपीय निवेश को जोड़ने का मंच बताया। कहा, भारत इनोवेट्स दुनिया के लिए निमंत्रण है कि वे भारत के साथ वैश्विक नवाचार का अंगला अध्याय लिखें। भारत के युवा नवोन्मेषक ऐसे समाधान खोज रहे हैं, जिनसे पूरी मानवता को लाभ हो सकता है।
बढ़ रही भारत की धाक
दुनिया कई चुनौतियों से गुजर रही है, लेकिन हर चुनौती नए मौके भी लेकर आती है। एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष तकनीक जैसी नई तकनीकें आने वाले समय में दुनिया का भविष्य तय करेंगी।
भारत हर साल यूरोप व अमेरिका जितने इंजीनियर अकेले तैयार कर रहा। अब सवाल यह नहीं है कि भारत नवाचार करता है या नहीं। सवाल यह है कि दुनिया में भारत किसके साथ मिलकर नवाचर करेगा।
पीएम मोदी ने कहा, आज इस कार्यक्रम में कई वेंचर कैपिटलिस्ट और इंडस्ट्री लीडर्स शामिल हैं। मैं भारत से आए युवा इनोवेटर्स की तारीफ करना चाहता हूं जिन्होंने पुराने रास्ते पर चलने के बजाय, एक नया रास्ता चुना है। उन्होंने एक नई राह बनाई है। यहां आपको 100-125 स्टार्टअप दिख रहे होंगे, लेकिन भारत में ऐसे दो लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स का एक बड़ा पूल है।
भारत की सुधार एक्सप्रेस चलती रहेगी
पीएम मोदी ने उच्च-तकनीक, रक्षा व नवाचार जैसे अहम क्षेत्रों में सरकार के सुधारों का जिक्र करने के साथ कहा, भारत की सुधार एक्सप्रेस रुकेगी नहीं, चलती रहेगी।
कार्यक्रम में उद्यमियों व निवेशकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, भारत-फ्रांस की पहल से भारतीय स्टार्टअप्स, युवा उद्यमियों व नए विचारों को दुनिया के बड़े निवेशकों व विशेषज्ञों तक पहुंचने का मौका मिलेगा।
नई सोच के साथ आज भारत में चल रही स्टार्टअप क्रांति: भारत
इनोवेट्स के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 21वीं सदी का भारत बदलाव के एक बड़े दौर से गुजर रहा है। आज भारत में स्टार्टअप क्रांति चल रही है। इस क्रांति में, नई सोच के साथ भारत के युवा मानवता के हित में समस्याओं का समाधान ढूंढ़ रहे हैं। हमारे युवाओं के विश्व-स्तरीय समाधानों को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का माध्यम ‘भारत इनोवेट्स’ हैं’।
टिकाऊ भविष्य के लिए नवाचार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, भारत बड़े पैमाने पर और तेजी से नवाचार करता है, भारत टिकाऊ भविष्य के लिए नवाचार करता है और भारत पूरी दुनिया के लिए नवाचार करता है। हर तकनीकी क्रांति मानवता को एक नया अवसर देती है और हर अवसर एक नई जिम्मेदारी भी लेकर आता है। आज दुनिया ऐसी तकनीकों की ओर देख रही है जो भरोसेमंद, समावेशी और मानव-केंद्रित हों और जिनका मकसद वैश्विक भलाई हो। ऐसे समय में, भारत की प्राथमिकता मानवता के लिए तकनीक और मानव-केंद्रित इनोवेशन है’।












