ब्लिट्ज ब्यूरो
रिलायंस जियो के मुताबिक, उसका पेटेंट पोर्टफोलियो अगली पीढ़ी की डिजिटल टेक्नोलॉजी पर केंद्रित है। इनोवेशन के क्षेत्रों में 5जी, 5जी एडवांस्ड, 6जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), एआई-नेटिव नेटवर्क, क्लाउड-नेटिव प्लेटफॉर्म, इंटेलिजेंट ऑटोमेशन, रेडियो एक्सेस टेक्नोलॉजी, कोर नेटवर्क सॉफ्टवेयर, एज इंटेलिजेंस, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस, नेटवर्क स्लाइसिंग और डिजिटल सर्विस इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की टेक्नोलॉजी शाखा, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (जेपीएल) ने वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन (विपो) द्वारा जारी लेटेस्ट पेटेंट कोऑपरेशन ट्रीटी (पीसीटी) रैंकिंग में ग्लोबल टॉप 20 में जगह बनाई है। कंपनी ने कहा कि इस उपलब्धि के साथ वह पब्लिश हुए पीसीटी डेटा के आधार पर ग्लोबल रैंकिंग में टॉप 20 आवेदकों में शामिल होने वाली एकमात्र भारतीय टेक्नोलॉजी इनोवेटर बन गई है।
रिलायंस जियो 2025 की रैंकिंग में 320 स्थान ऊपर चढ़ी, जिससे वह दुनिया भर में सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाली इनोवेटर कंपनियों में से एक बन गई है। लेटेस्ट Wipo रैंकिंग में कंपनी अब हुआवेई, सैमसंग, क्वालकॉम, एलजी, पैनासोनिक, नोकिया, गूगल, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर्स के साथ खड़ी है।
5जी, 6जी और एआई पर फोकस
रिलायंस जियो के मुताबिक, उसका पेटेंट पोर्टफोलियो अगली पीढ़ी की डिजिटल टेक्नोलॉजी पर केंद्रित है। इनोवेशन के क्षेत्रों में 5जी, 5जी एडवांस्ड, 6जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), एआई-नेटिव नेटवर्क, क्लाउड-नेटिव प्लेटफॉर्म, इंटेलिजेंट ऑटोमेशन, रेडियो एक्सेस टेक्नोलॉजी, कोर नेटवर्क सॉफ्टवेयर, एज इंटेलिजेंस, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस, नेटवर्क स्लाइसिंग और डिजिटल सर्विस इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।
कंपनी ने कहा कि विपो रैंकिंग एडवांस्ड टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में रिसर्च और डेवलपमेंट पर उसके बढ़ते फोकस को दिखाती है और संगठन के भीतर हो रहे इनोवेशन के पैमाने को उजागर करती है। खास बात यह है कि जियो का 20वें स्थान पर पहुंचना ऐसे साल में हुआ जब ग्लोबल पीसीटी फाइलिंग में एक प्रतिशत से भी कम की बढ़ोतरी हुई थी, जो कंपनी की पेटेंट गतिविधि की रफ्तार को दिखाता है।
इस घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश एम. अंबानी ने कहा कि यह रैंकिंग जियो को एक डीप-टेक कंपनी में बदलने की दिशा में की गई वर्षों की मेहनत को दर्शाती है। “विपो पीसीटी रैंकिंग में जियो प्लेटफॉर्म्स का दुनिया की टॉप 20 कंपनियों में शामिल होना, एक डीप-टेक कंपनी बनने की हमारी बरसों की कोशिशों को दिखाता है। यह कई एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में जियो में हो रहे इनोवेशन की तेज़ी को दर्शाता है, जो आने वाले सालों में और बढ़ेगा।”
अंबानी ने यह कामयाबी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को समर्पित की, जिसका मकसद भारत को टेक्नोलॉजी का क्रिएटर, ओनर और एक्सपोर्टर बनाना है। उन्होंने कहा कि जियो को भारत के ग्लोबल डीप-टेक पावरहाउस बनने के सफ़र में योगदान देने पर गर्व है।
पोर्टफोलियो का विस्तार जारी
जियो प्लेटफॉर्म्स ने बताया कि 31 मार्च, 2026 तक उसने दुनिया भर में कुल 6,817 पेटेंट फाइल किए थे। इनमें से 2,393 पेटेंट भारत में फाइल किए गए, जबकि 4,424 पेटेंट अंतरराष्ट्रीय अधिकार-क्षेत्रों में फाइल किए गए।
कंपनी ने यह भी बताया कि अब तक दुनिया भर में 1,009 पेटेंट मंजूर किए जा चुके हैं। इसमें भारत में मंजूर हुए 538 पेटेंट और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मंजूर हुए 471 पेटेंट शामिल हैं।
जियो ने कहा कि यह रैंकिंग उसकी आरएंडडी प्रोडक्टिविटी और उसके इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी पोर्टफोलियो की गहराई को बाहरी मान्यता दिलाती है, साथ ही ग्लोबल टेक्नोलॉजी निर्माण के क्षेत्र में भारत में हुए इनोवेशन को भी उजागर करती है।
भविष्य का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना
कंपनी ने कहा कि उसके इनोवेशन के प्रयास उन टेक्नोलॉजी और प्लेटफॉर्म पर आधारित हैं जिन्हें पहले ही बड़े पैमाने पर विकसित और कमर्शियलाइज़ किया जा चुका है। साथ ही, वह भविष्य की उन टेक्नोलॉजी में भी निवेश कर रही है जिनसे अगली पीढ़ी के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को आकार मिलने की उम्मीद है।
इनमें 5जी और 6जी रेडियो टेक्नोलॉजी, 5जी और 6जी कोर नेटवर्क, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और जियोब्रेन के तहत एजेंटिक एआई पहल शामिल हैं। जियो का बढ़ता इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी पोर्टफोलियो भारत के टेक्नोलॉजी परिदृश्य में बड़े पैमाने पर टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से हटकर ओरिजिनल टेक्नोलॉजी बनाने की ओर एक व्यापक बदलाव को दर्शाता है, जिसमें ऐसी टेक्नोलॉजी पर फोकस किया जा रहा है जो कई सेक्टर में भविष्य के कमर्शियल इस्तेमाल में सहायक हो सकें।












