ब्लिट्ज ब्यूरो
सूरत। देश की टेक्सटाइल राजधानी कहे जाने वाले सूरत को जल्द ही एक नई पहचान मिलने वाली है। करोड़ों रुपये के कपड़ा कारोबार को सुरक्षा और बेहतर कानूनी संरक्षण देने के लिए राज्य सरकार ने शहर में देश के पहले विशेष टेक्सटाइल पुलिस स्टेशन के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह पुलिस स्टेशन कपड़ा उद्योग से जुड़े अपराधों, धोखाधड़ी और व्यापारिक विवादों के मामलों की जांच और कार्रवाई के लिए होगा।
जानकारी के अनुसार सलाबतपुरा, महिधरपुरा, वराछा, पूणा, सारोली, गोडादरा और उधना थाना क्षेत्रों में टेक्सटाइल व्यापार से जुड़ी सभी शिकायतें अब इसी विशेष पुलिस स्टेशन में दर्ज की जाएंगी। सरकार की योजना अगले एक से दो वर्षों के भीतर इस परियोजना को पूरा करने की है।
व्यापारी लंबे समय से कर रहे थे मांग
फेडरेशन ऑफ सूरत टेक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन (फोस्टा) के अध्यक्ष कैलाश हाकिम और सचिव दिनेश कटारिया ने बताया कि संगठन पिछले तीन वर्षों से इस मांग को सरकार के सामने उठा रहा था। उनका कहना है कि देश के पहले टेक्सटाइल पुलिस स्टेशन की स्थापना से कपड़ा व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी और धोखाधड़ी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकेगी।
अभी क्या है व्यवस्था?
मौजूदा समय में कपड़ा व्यापार से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों की शिकायतें अलग-अलग थानों में दर्ज होती हैं, जिससे एक ही आरोपी के खिलाफ दर्ज कई मामलों का रिकॉर्ड जुटाने में कठिनाई आती है। नए टेक्सटाइल पुलिस स्टेशन में सभी शिकायतों का केंद्रीकृत रिकॉर्ड रखा जाएगा, जिससे किसी भी आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों की पूरी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी और कार्रवाई आसान व जल्द होगी।
क्या कहते हैं कारोबारी?
व्यापारियों का मानना है कि इससे चीटिंग और धोखाधड़ी के मामलों की जांच तेज होगी, अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना आसान होगा और बार-बार अपराध करने वालों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी
साथ ही व्यापारियों का समय और खर्च भी बचेगा। कपड़ा उद्योग से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि यह कदम सूरत के बड़े टेक्सटाइल उद्योग को अधिक सुरक्षित और संगठित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।













