• About us
  • Team
  • Privacy Policy
  • Contact
Saturday, May 9, 2026
  • Login
No Result
View All Result
World's first weekly chronicle of development news
  • Blitz Highlights
    • Special
    • Spotlight
    • Insight
    • Entertainment
    • Sports
  • Opinion
  • Legal
  • Perspective
  • Nation
    • East
    • West
    • North
    • South
  • Business & Economy
  • World
  • Hindi Edition
  • International Editions
    • Dubai
    • Tanzania
    • United Kingdom
    • USA
  • Blitz India Business
  • Blitz Highlights
    • Special
    • Spotlight
    • Insight
    • Entertainment
    • Sports
  • Opinion
  • Legal
  • Perspective
  • Nation
    • East
    • West
    • North
    • South
  • Business & Economy
  • World
  • Hindi Edition
  • International Editions
    • Dubai
    • Tanzania
    • United Kingdom
    • USA
  • Blitz India Business
No Result
View All Result
World's first weekly chronicle of development news
No Result
View All Result

अंडमान, निकोबार ब्लू इकोनॉमी का हब बनेगा

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने समुद्री प्रौद्योगिकी पहलों का किया शुभारंभ

by Blitz India Media
January 24, 2026
in Hindi Edition
0
jitendra
Share on FacebookShare on Twitter
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान के केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में ब्लू इकोनॉमी और आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रमुख समुद्री प्रौद्योगिकी पहलों का शुभारंभ किया तथा उनकी समीक्षा की। इस अवसर पर वैज्ञानिकों, अधिकारियों और हितधारकों को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे भारत तेजी से दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की ओर बढ़ रहा है, देश के भविष्य का आर्थिक मूल्य संवर्धन बड़े पैमाने पर अब अप्रयुक्त समुद्री संसाधनों से प्राप्त होगा।
यह बात उन्होंने अटल सेंटर फॉर ओशन साइंस एंड टेक्नोलॉजी फॉर आइलैंड्स के दौरे के दौरान कही।
उन्होंने रेखांकित किया कि ब्लू इकोनॉमी पर सरकार का मजबूत फोकस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसके अनुसार केवल मुख्य भूमि पर ध्यान केंद्रित कर तथा द्वीप क्षेत्रों और तटीय क्षेत्रों को पीछे छोड़कर भारत का समग्र विकास संभव नहीं है
यह कार्यक्रम पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईओटी) की इकाई अटल सेंटर फॉर ओशन साइंस एंड टेक्नोलॉजी फॉर आइलैंड्स, डॉलीगंज, श्री विजयपुरम (पोर्ट ब्लेयर) में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह से सांसद बिष्णु पद राय, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन, अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, एनआईओटी एवं अन्य अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिक, तथा स्थानीय विभागों और स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
संसद में अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के निरंतर और ऊर्जावान प्रतिनिधित्व की सराहना करते हुए मंत्री ने कहा कि सतत पक्षधरता के कारण द्वीप विकास की दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान और संसाधनों का प्रवाह सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने स्मरण कराया कि वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री ने उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और द्वीप क्षेत्रों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, जिसका प्रभाव अब क्षेत्र में वैज्ञानिक, प्रशासनिक और मंत्रिस्तरीय सहभागिता के बढ़ते स्तर में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
डीप ओशन मिशन का उल्लेख करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से इस मिशन की घोषणा एक बार नहीं बल्कि दो बार की, जो ब्लू इकोनॉमी के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक कम अन्वेषित रहे समुद्री संसाधन, पारंपरिक संसाधनों के क्षीण होने के साथ, भारत की विकास यात्रा को बनाए रखने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। ब्लू इकोनॉमी रोजगार सृजन, निर्यात, पर्यावरणीय सततता और समग्र आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान शुरू की गई और प्रदर्शित की गई प्रमुख पहलों पर प्रकाश डाला, जिनमें समुद्री मछलियों की पायलट स्तर की ओपन-सी केज कल्चर और बड़े पैमाने पर समुद्री शैवाल (सीवीड) की खेती शामिल हैं। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पहले ही हो चुका है, जो विकसित भारत के निर्माण की दिशा में “समग्र सरकार, समग्र समाज” दृष्टिकोण को दर्शाता है। स्थानीय अनुकूलता के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि अंडमान एवं निकोबार क्षेत्र की विशिष्ट समुद्री प्रजातियां और तटीय विशेषताएं ऐसे परियोजनाओं के लिए इसे सबसे उपयुक्त स्थान बनाती हैं।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने महासागर विज्ञान के साथ जैव प्रौद्योगिकी के एकीकरण पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जिनके पास जैव प्रौद्योगिकी के लिए समर्पित नीति—बायोई3 (अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार के लिए जैव प्रौद्योगिकी)—है। उन्होंने बताया कि समुद्री जैव-संसाधन प्लास्टिक के जैव-अपघटनीय विकल्प, नई औषधीय यौगिकों और उच्च मूल्य वाले जैव-उत्पादों का स्रोत बन सकते हैं। ऐसी पहलें एक साथ रोजगार सृजन, पर्यावरण संरक्षण और बायोइकोनॉमी को सशक्त करेंगी। मंत्री ने गैर-पशु आधारित खाद्य उत्पादों, वैकल्पिक समुद्री पोषण, वेस्ट-टू-वेल्थ प्रौद्योगिकियों और निर्यातोन्मुख समुद्री उत्पादों जैसे उभरते क्षेत्रों का भी उल्लेख किया और कहा कि विशेषकर यूरोप में इनके लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार तेजी से बढ़ रहा है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वयं सहायता समूहों और महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि ये पहलें घरेलू आय में वृद्धि करें और “वोकल फॉर लोकल” तथा “लोकल फॉर ग्लोबल” के दृष्टिकोण को मजबूत करें।

अपने संबोधन के समापन में डॉ. जितेंद्र सिंह ने वैज्ञानिकों और स्थानीय हितधारकों के उत्साह और समर्पण की सराहना की और कहा कि सीएसआईआर तथा जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान केंद्रों की संभावित भागीदारी सहित संस्थागत सहयोग के माध्यम से अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह भारत की ब्लू इकोनॉमी पहलों का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है। उन्होंने क्षेत्र के साथ सतत जुड़ाव के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और विश्वास व्यक्त किया कि ये प्रयास द्वीपसमूह के लिए दीर्घकालिक वैज्ञानिक, पर्यावरणीय और सामाजिक-आर्थिक लाभ प्रदान करेंगे।

Related Posts

राजस्थान में मुफ्त स्कूटी योजना
Hindi Edition

राजस्थान में मुफ्त स्कूटी योजना में भजनलाल सरकार का बड़ा बदलाव, पात्र छात्राओं को करना होगा ये काम

May 8, 2026
cyber security
Hindi Edition

NCRB रिपोर्ट 2024: देश में घटे कुल अपराध, लेकिन ‘डिजिटल डकैतों’ और साइबर ठगों का बढ़ा आतंक

May 8, 2026
चुनाव नतीजों के नए संकेत
Hindi Edition

चुनाव नतीजों के नए संकेत

May 7, 2026
डेयरी उत्पादों के निर्यात में यूपी की बड़ी छलांग
Hindi Edition

शाकाहारियों को बी 12 डेफिशिएंसी का रिस्क

May 7, 2026
sleep
Hindi Edition

हर वक्त एसी में न रहें, कमजोर होती इम्यूनिटी

May 7, 2026
'मेक इन इंडिया' मिशन का हमसफर बनेगा कोरिया : ली जे-म्युंग
Hindi Edition

‘मेक इन इंडिया’ मिशन का हमसफर बनेगा कोरिया : ली जे-म्युंग

May 7, 2026
Load More
Next Post
A new turn in Russia-India relations

रूस-भारत रिश्तों में नया मोड़

Recent News

Bengal observer PIL
News

PIL seeks removal of UP cop as poll observer

by Blitz India Media
April 29, 2026
0

Blitz Bureau NEW DELHI: A public interest litigation (PIL) has been filed before the Supreme Court challenging the decision of...

Read moreDetails
India among top countries in meeting climate targets

India among top countries in meeting climate targets

April 29, 2026
EPFO

EPFO settles record 8.31 crore claims in FY26

April 29, 2026
PM inaugurates 594-km long Ganga Expressway

PM inaugurates 594-km long Ganga Expressway

April 29, 2026
voting

Over 78 pc turnout in Bengal second phase till late afternoon

April 29, 2026

Blitz Highlights

  • Special
  • Spotlight
  • Insight
  • Entertainment
  • Health

International Editions

  • US (New York)
  • UK (London)
  • Middle East (Dubai)
  • Tanzania (Africa)

Nation

  • East
  • West
  • South
  • North
  • Hindi Edition

E-paper

  • India
  • Hindi E-paper
  • Dubai E-Paper
  • USA E-Paper
  • UK-Epaper
  • Tanzania E-paper

Useful Links

  • About us
  • Team
  • Privacy Policy
  • Contact

©2024 Blitz India Media -Building A New Nation

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

    No Result
    View All Result
    • Blitz Highlights
      • Special
      • Spotlight
      • Insight
      • Entertainment
      • Sports
    • Opinion
    • Legal
    • Perspective
    • Nation
      • East
      • West
      • North
      • South
    • Business & Economy
    • World
    • Hindi Edition
    • International Editions
      • Dubai
      • Tanzania
      • United Kingdom
      • USA
    • Blitz India Business

    ©2024 Blitz India Media -Building A New Nation