ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। साइबर सुरक्षा स्टार्टअप कैलिफ ने एंथ्रोपिक के नए एआई मॉडल ‘क्लॉड माईथोज की मदद से 7 दिनों के भीतर एपल की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली नई एम5 चिप और एमआईई सुरक्षा तकनीक को भेद दिया है। रिसर्चर्स ने अचानक ही मैक की मेमोरी में ऐसी बड़ी कमजोरी ढूंढ़ निकाली, जिससे कंप्यूटर के सबसे छुपे हुए हिस्सों को हैक किया जा सकता है।
एपल के प्रोडक्ट्स की कई खूबियों में से एक यह भी है कि ये अन्य प्रोडक्ट की अपेक्षा काफी सुरक्षित होते हैं लेकिन हाल ही में पालो ऑल्टो स्थित साइबर सुरक्षा स्टार्टअप कैलिफ ने एंथ्रोपिक के ‘क्लॉड माईथोज’ मॉडल के प्रीव्यू वर्जन का उपयोग करके एक सप्ताह से भी कम समय में एपल की नई एम5 चिप की उस कमी को ढूंढ़ लिया, जिसके जरिए उसे हैक किया जा सकता है। कैलिफ के रिसर्चर्स ने मैक की मेमोरी में गड़बड़ी करने के लिए दो बग और कुछ तरीकों को आपस में मिलाया। ऐसा करके वे कंप्यूटर के उन हिस्सों तक पहुंच गए, जिन्हें आम तौर पर कोई नहीं देख या छू सकता।
सबसे मजबूत सुरक्षा को तोड़ सकता है
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक ब्लॉग पोस्ट में बताया गया है कि कैलिफोर्निया के रिसर्चर ने दुनिया का ऐसा पहला हैकिंग कोड खोज निकाला है, जो एपल के मैक के सबसे मुख्य हिस्से कर्नेल मेनोरी को खराब कर देता है और एपल की सबसे नई और मजबूत ‘एमआईई सुरक्षा’ को भी आसानी से तोड़ देता है, जो उनकी नई एम5 चिप में दी गई है। आपको बता दें कि एपल ने पिछले साल अपने कंप्यूटर और फोन को और सुरक्षित बनाने के लिए एक नई टेक्नोलॉजी पेश की थी, जिसे ‘मेमोरी इंटीग्रिटी एनफोर्समेंट’ (एमआईई) कहते हैं। यह टेक्नोलॉजी सीधे कंप्यूटर के पार्ट्स (हार्डवेयर) की मदद से उसकी मेमोरी को सुरक्षित रखती है।
कैलिफ के अनुसार, एपल ने एमआईई को डेवलप करने में लगभग 5 साल लगाए और इस तकनीक में अरबों डॉलर का निवेश किया गया।













