ब्लिट्ज ब्यूरो
मुंबई। बांद्रा पूर्व के गरीब नगर इलाके में पांच दिनों तक चले बड़े अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद अब पश्चिम रेलवे इस जमीन पर कई बड़ी परियोजनाएं विकसित करने की प्लानिंग में जुट गया है। रेलवे अधिकारी का कहना है कि वर्षों से अतिक्रमण, भीड़, ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था से जूझ रहे बांद्रा स्टेशन क्षेत्र को अब नए रूप में विकसित किया जाएगा। यहां पर इंटीग्रेटेड रेलवे कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा, ताकि वहां से हर दिन या कभी- कभी यात्रा करने वालों की यात्रा सुखद, आरामदायक और सुगम हो सके।
नए प्लेटफार्म बनाने की योजना
मिली जानकारी के अनुसार इलाके में मलबा हटाने और कंक्रीटीकरण का काम शुरू कर दिया गया है। रेलवे के मुताबिक, यहां इंटीग्रेटेड रेलवे कॉम्प्लेक्स, नई स्टेबलिंग लाइनें और एलिवेटेड रोड बनाई जाएंगी। साथ ही बांद्रा टर्मिनस का भी विस्तार किया जाएगा। वर्तमान में बांद्रा टर्मिनस पर सात प्लेटफॉर्म हैं, जिन्हें बढ़ाकर 10 करने की योजना है। इसके लिए तीन नए प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे।
50 नई ट्रेन सेवाएं शुरू करने की है योजना
रेलवे अधिकारी का कहना है कि प्लेटफॉर्म बढ़ने से लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन बेहतर होगा। अभी बांद्रा टर्मिनस से रोजाना करीब 21 लंबी दूरी की ट्रेनें चलती हैं, जिन्हें बढ़ाकर 30 तक करने की तैयारी है। इसके अलावा अतिरिक्त रेलवे ढांचे और नई स्टेबलिंग लाइनों की मदद से करीब 50 नई ट्रेन सेवाएं शुरू करने की भी योजना बनाई जा रही है। इससे पश्चिम रेलवे की सेवाओं को मजबूती मिलेगी और लाखों यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
अब तक मिलती थी कई शिकायत
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने कहा कि बांद्रा पूर्व की तरफ आने वाले यात्रियों की सबसे बड़ी शिकायत अव्यवस्था और ट्रैफिक जाम को लेकर रहती थी। अब इस जमीन को खाली कर यहां व्यवस्थित पार्किंग, चौड़े रास्ते और पैदल चलने वालों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएंगी। रेलवे का दावा है कि भविष्य में इस अतिरिक्त जमीन की मदद से रेलवे की परिचालन क्षमता लगभग दोगुनी तक बढ़ाई जा सकती है।
जुड़ेगा बांद्रा स्टेशन से बांद्रा टर्मिनस
अधिकारियों के अनुसार, बांद्रा टर्मिनस और बांद्रा स्टेशन के बीच बेहतर कनेक्टिविटी पर भी काम किया जाएगा। वहीं रेलवे से जुड़े कुछ ऑपरेशन भी नई उपलब्ध जमीन पर शिफ्ट किए जा सकते हैं।
अब तक लोग यदि बांद्रा स्टेशन उतरते थे, तो उन्हें ऑटो या टैक्सी लेकर बांद्रा टर्मिनस जाना पड़ता था। या फिर उन्हें खार स्टेशन उतरना पड़ता था। खर स्टेशन से टर्मिनस से कनेक्ट करने के लिए एफओबी बनाया गया है। हालांकि उम्मीद लगाईं जा रही है कि आने वाले समय में यह समस्या खत्म हो जाएगी।













