ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। सीए के सिलेबस में बहुत जल्द नए सब्जेक्ट जुड़ सकते हैं। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने सिलेबस की समीक्षा के लिए एक कमेटी बनाई है जिसके तहत चार्टर्ड अकाउंटेंट के करिकुलम में नई चीजें जुड़ सकती हैं। बहुत जल्द चार्टर्ड अकाउंटेंट की पढ़ाई में बदलाव हो सकता है।
स्टूडेंट्स जो सीए का कोर्स करेंगे, उन्हें आने वाले समय में आर्टिफिशियल इटेंलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, ईएसजी और दूसरे सब्जेक्ट्स की भी पढ़ाई करनी होगी। टेक्नोलॉजी और डिजिटल टूल्स में हो रहे बदलावों के कारण यह निर्णय लिया जा सकता है। आईसीएआई ने इसके लिए एक कमेटी बनाई है।
भारत में चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) कोर्स इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया द्वारा चलाया जाता है। यही संस्था इस प्रोफेशन में आवेदन, परीक्षा से लेकर रिजल्ट तक पूरा प्रोसेस चलाती है। अभी तक सीए का सिलेबस अकाउंटिंग, टैक्स, ऑडिट, लॉ और फाइनेंस पर ही ज्यादा फोकस है। टेक्नोलॉजी जैसे एआई और डाटा एनालिटकल जैसे सब्जेक्ट्स अभी कोर्स में आधिकारिक तौर पर शामिल नहीं हैं लेकिन अब आईसीएआई इन विषयों को भी सीए करिकुलम का हिस्सा बना सकती है।
आईसीएआई के अध्यक्ष प्रसन्ना कुमार डी का कहना है कि ‘टेक्नोलॉजी के साथ अकाउंटिंग प्रोफेशन में भी लगातार बदलाव हो रहे हैं। अब यह जॉब का अहम हिस्सा बन गई है। इसीलिए हमने क्रेट कमेटी बनाई है। जो पूरे सिलेबस का रिव्यू करेगी। एक इंजीनियरिंग के लिए एआई अलग विषय है लेकिन एआई हमारे लिए कोई सब्जेक्ट नहीं है, बिना एआई कोई भी चार्टर्ड अकाउटेंट सरवाइव नहीं कर सकता।’ जॉब और प्रैक्टिस दोनों में बने रहने के लिए एआई जरूरी है।













