ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। देश में 1 अप्रैल 2026 से जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू हो गया है। इस दौरान मकान और सुविधाओं का सर्वे किया जाएगा। इसके लिए आपसे 33 सवाल लिए जाएंगे। दूसरे चरण में जाति और लोगों की गणना की जाएगी। पूरी प्रक्रिया 2027 में पूरी होगी।
इससे पहले 2011 में देश में जनगणना हुई थी। आमतौर पर देश में हर 10 साल पर जनगणना कराने की परंपरा रही है लेकिन 2020-2021 में कोरोना महामारी की वजह से इसे टाल दिया गया था। उसके बाद जनगणना में जाति के मसले को शामिल करने पर विवाद के कारण इसमें देरी हुई। अब इस बार की जनगणना में जाति को भी शामिल किया गया है। पूरी प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। अंतिम रिपोर्ट 2027 में जारी होगी। इस कारण इसे जनगणना-2027 कहा जा रहा है। भारत सरकार ने जनगणना-2027 के पहले चरण- मकान सूचीकरण और आवास गणना (एचएलओ) – को 1 अप्रैल से शुरू कर दिया है। यह चरण 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अनुसार अलग-अलग तारीखों पर घर-घर सर्वे होगा।
रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने बताया कि इस चरण में जनगणनाकर्मी कुल 33 सवाल पूछेंगे। इनमें भवन संख्या, जनगणना गृह संख्या, फर्श-दीवार-छत की निर्माण सामग्री, मकान का उपयोग और स्थिति जैसी जानकारी शामिल है। गणनाकर्मी परिवार में रहने वाले कुल सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम और लिंग, मुखिया की जाति (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य), मकान का मालिकाना हक, रहने वाले कमरों की संख्या और घर में विवाहित जोड़ों की संख्या दर्ज करेंगे।
सुविधाओं का पूरा एक्स-रे
प्रश्नों में पीने के पानी का मुख्य स्रोत, प्रकाश का स्रोत, शौचालय की उपलब्धता और प्रकार, अपशिष्ट जल निकासी, स्नान और रसोई की सुविधाएं, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन और खाना पकाने का मुख्य ईंन्धन शामिल हैं।













