• About us
  • Team
  • Privacy Policy
  • Contact
Thursday, July 9, 2026
  • Login
No Result
View All Result
World's first weekly chronicle of development news
  • Blitz Highlights
    • Special
    • Spotlight
    • Insight
    • Entertainment
    • Sports
  • Opinion
  • Legal
  • Perspective
  • Nation
    • East
    • West
    • North
    • South
  • Business & Economy
  • World
  • Hindi Edition
  • International Editions
    • Dubai
    • Tanzania
    • United Kingdom
    • USA
  • Blitz India Business
  • Blitz Highlights
    • Special
    • Spotlight
    • Insight
    • Entertainment
    • Sports
  • Opinion
  • Legal
  • Perspective
  • Nation
    • East
    • West
    • North
    • South
  • Business & Economy
  • World
  • Hindi Edition
  • International Editions
    • Dubai
    • Tanzania
    • United Kingdom
    • USA
  • Blitz India Business
No Result
View All Result
World's first weekly chronicle of development news
No Result
View All Result

भारत करने जा रहा जर्मनी से पनडुब्बियों की बड़ी डील

हाथ मलता रह गया पाकिस्तान

by Blitz India Media
February 7, 2026
in Hindi Edition
0
India is about to strike a major submarine deal with Germany.
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। भारत और जर्मनी के बीच नई पीढ़ी की पारंपरिक पनडुब्बियों को बनाने के लिए करीब 10 बिलियन डॉलर की बड़ी डील हो सकती है। दोनों देश इसके लिए तैयार भी हैं। जर्मनी ने इस बड़े रक्षा समझौते के लिए तब हाथ मिलाया है, जब पाकिस्तान भी पहले ही इस तरह की पनडुब्बियों की खरीद के लिए अपनी इच्छा जता चुका है। ऐसे में भारत के लिए यह डील बड़ी कामयाबी हो सकती है।
भारत और जर्मनी में बातचीत हो चुकी है पूरी
मीडिया की एक खबर के अनुसार, भारत मार्च के अंत तक अगली पीढ़ी की पारंपरिक पनडुब्बियों के निर्माण के लिए कई अरब डॉलर के सौदे पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार है। जर्मनी के साथ दीर्घकालिक समर्थन और निर्यात संबंधी मंजूरी के लिए अंतर-सरकारी समझौता (आईजीए) को अंतिम रूप दे दिया गया है और मझगांव डॉकयार्ड्स लिमिटेड (एमडीएल) के साथ लागत बातचीत पूरी हो चुकी है।
सूत्रों ने बताया कि आईजीए को हाल ही में अंतिम रूप दिया गया है और अंतिम हस्ताक्षर के लिए जर्मन रक्षा मंत्री के मार्च के अंत तक भारत आने की उम्मीद है। मुख्य अनुबंध एमडीएल और रक्षा मंत्रालय के बीच हस्ताक्षरित किया जाएगा, जबकि आईजीए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, कर्मियों के प्रशिक्षण और प्रशासनिक मंजूरी के लिए व्यापक आश्वासन प्रदान करेगा।
हो सकती है ये बिग डील
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एमडीएल और जर्मनी की थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स (टीकेएमएस) की साझेदारी में बोली को जनवरी 2025 में बोली प्रक्रिया की समीक्षा करने वाली तकनीकी निगरानी समिति द्वारा मंजूरी दे दी गई थी। पिछले एक साल में लागत और तकनीकी विवरणों को अंतिम रूप देने का काम किया गया, जिसमें एमडीएल ने अग्रणी भूमिका निभाई।
हालांकि, अनुबंध की अंतिम कीमत अभी तक घोषित नहीं की गई है, लेकिन यह लगभग 10 अरब डॉलर होने की संभावना है, जिसमें महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी हस्तांतरण शामिल होगा और भारत में एक औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र बनाकर हजारों रोजगार सृजित किए जाएंगे।
6 पनडुब्बियां बनाई जाएंगी, तकनीकी ट्रांसफर करेगा जर्मनी
इतनी बड़ी परियोजना को देखते हुए छह पनडुब्बियों का निर्माण भारत में हाई लेवल के तकनीकी ट्रांसफर के साथ किया जाना है। करार पर हस्ताक्षर के लगभग सात साल बाद पहली पनडुब्बी के सेवा में आने की उम्मीद है। नई पनडुब्बियों की एक प्रमुख क्षमता एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (एआईपी) प्रणाली होगी, जो उन्हें दो सप्ताह तक पानी के भीतर रहने की क्षमता प्रदान करेगी। इससे उनकी पानी में छिपकर काम करने की क्षमता में काफी वृद्धि होगी।
जर्मनी के जंगी जहाज भारत में बनेंगे
इस बड़ी डील से भारत अब जर्मन कंपनी के लिए युद्धपोत निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित हो सकता है। जर्मन कंपनी नए बाजारों की तलाश में है और उसका अनुमान है कि भारतीय जहाज निर्माता लागत को काफी कम कर सकते हैं, जिससे क्षेत्र में संयुक्त निर्यात संभव हो सकेगा।
भारतीय नौसेना के पास
पनडुब्बियों की कमी
भारतीय नौसेना चालू वित्त वर्ष में इस अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के लिए उत्सुक है, क्योंकि उसे पनडुब्बी प्लेटफार्मों की गंभीर कमी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य किलो श्रेणी की पनडुब्बियों को सेवामुक्त किया जा रहा है क्योंकि उनका सेवाकाल समाप्त हो चुका है और पिछले दो दशकों में केवल छह कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियां ही शामिल की गई हैं, जिनका निर्माण भी एमडीएल द्वारा किया गया है। नौसेना के पास चालू वर्ष में वित्तीय प्रावधान भी हैं जिनका उपयोग किया जाना है और जिनका उपयोग इस मेगा अनुबंध के लिए एमडीएल को पहले भुगतान के लिए किया जाएगा।
पाकिस्तान को बस एनर्जी-क्लाइमेट पर ही मदद
जर्मनी, पाकिस्तान को व्यापक दीर्घकालिक विकास सहयोग, द्विपक्षीय व्यापार और राजनयिक गतिविधियों के माध्यम से समर्थन देता रहा है और 1951 से सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए हुए है।
पाकिस्तान के लिए जर्मनी एक प्रमुख मददगार देश है, जिसने ऊर्जा, जलवायु और व्यावसायिक प्रशिक्षण परियोजनाओं के लिए अरबों यूरो देने का वादा किया है और यह पाकिस्तान का एक प्रमुख यूरोपीय संघ व्यापार भागीदार है। 1961 से जर्मनी ने सतत आर्थिक विकास, नवीकरणीय ऊर्जा और स्वास्थ्य पर केंद्रित परियोजनाओं के लिए लगभग 3.8 अरब यूरो देने का वादा किया है।
ये पनडुब्बियां खरीदना चाहता है पाकिस्तान
पाकिस्तान ने जर्मन प्रौद्योगिकी, विशेष रूप से थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स की टाइप 214 पनडुब्बी और आईआरआईआईएस-टी एसएलएम वायु रक्षा प्रणाली को खरीदने में रुचि दिखाई है।

क्या होती है एचडीडब्ल्यू क्लास पनडुब्बियां
ये पनडुब्बियां जर्मनी की हाउल्ड्सवर्के-ड्यूश वेर्फ्ट (एचडीडब्ल्यू कंपनी जो अब टीकेएमएस का हिस्सा बन चुकी है) द्वारा डिजाइन की गई उन्नत पारंपरिक (गैर-परमाणु) डीजल-इलेक्टि्रक पोत हैं। ये अपनी उच्च विश्वसनीयता और गुप्त क्षमता यानी स्टेल्थ तकनीक से लैस होती हैं। ये पनडुब्बियां विशेष रूप से व्यापक रूप से निर्यात की जाने वाली टाइप 209 और एडवांस्ड एआईपी से लैस टाइप 214—तटीय अभियानों, खुफिया जानकारी जुटाने और पनडुब्बीरोधी युद्ध के लिए उपयोग की जाती हैं।

Related Posts

Fire
Hindi Edition

भ्रष्टतंत्र पर प्रहार जरूरी

July 3, 2026
PM मोदी ने IAS प्रशिक्षुओं से कहा- हर फैसले के केंद्र में रखें नागरिक, विकसित भारत 2047 पर जोर
Hindi Edition

हमेशा याद रखें, प्रशासन से जुड़ी हर फाइल के पीछे मानवीय पहलू हो आधार

July 3, 2026
International Yoga Day 2026
Hindi Edition

दुनिया के बेहतर भविष्य के लिए भी जरूरी है योग

July 3, 2026
राजस्थान बॉर्डर पर हाई अलर्ट: 4 सीमावर्ती जिले बने 'स्पेशल वॉच जोन', 50 किमी तक सख्त सुरक्षा
Hindi Edition

भारत-पाकिस्तान सरहद का नया ‘सुरक्षा ब्लूप्रिंट’तैयार

July 3, 2026
highway
Hindi Edition

केएमपी एक्सप्रेसवे पर दौड़ेगा विकास

July 3, 2026
Metro
Hindi Edition

नए कॉरिडोर से 40 मिनट में पूरा होगा 2 घंटे का सफर

July 3, 2026
Load More
Next Post
China's dominance will end; India may launch its own indigenous mobile brand.

चीन का दबदबा होगा खत्म, भारत लॉन्च कर सकता है अपने देसी मोबाइल ब्रांड

Recent News

US President Donald Trump
News

Trump orders fresh strikes against Iran

by Blitz India Media
July 9, 2026
0

Blitz Bureau NEW DELHI: US President Donald Trump ordered fresh strikes against Iran for the second consecutive day questioning whether...

Read moreDetails
Coal Gasification Scheme India

Govt invites applications for coal projects

July 9, 2026
India, Australia sign energy security agreement

India, Australia sign energy security agreement

July 9, 2026
India targets global FTA after EU deal

India targets global FTA after EU deal

July 9, 2026
Tamil Nadu AI Elephant Monitoring

AI prevents elephant deaths in Coimbatore rail stretch

July 9, 2026

Blitz Highlights

  • Special
  • Spotlight
  • Insight
  • Entertainment
  • Health

International Editions

  • US (New York)
  • UK (London)
  • Middle East (Dubai)
  • Tanzania (Africa)

Nation

  • East
  • West
  • South
  • North
  • Hindi Edition

E-paper

  • India
  • Hindi E-paper
  • Dubai E-Paper
  • USA E-Paper
  • UK-Epaper
  • Tanzania E-paper

Useful Links

  • About us
  • Team
  • Privacy Policy
  • Contact

©2024 Blitz India Media -Building A New Nation

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

    No Result
    View All Result
    • Blitz Highlights
      • Special
      • Spotlight
      • Insight
      • Entertainment
      • Sports
    • Opinion
    • Legal
    • Perspective
    • Nation
      • East
      • West
      • North
      • South
    • Business & Economy
    • World
    • Hindi Edition
    • International Editions
      • Dubai
      • Tanzania
      • United Kingdom
      • USA
    • Blitz India Business

    ©2024 Blitz India Media -Building A New Nation