ललित दुबे
वाशिंगटन। भारत और अमेरिका के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद होने के बावजूद रणनीतिक, आर्थिक, तकनीकी और सुरक्षा सहयोग पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है। अमेरिका में भारत की उप प्रमुख मिशन नमग्या सी. खम्पा ने कहा है कि भारत-अमेरिका संबंध 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक साझेदारियों में से एक बन चुके हैं। कैपिटल हिल में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खम्पा ने कहा कि नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच बढ़ते रिश्तों की नींव साझा हितों, मजबूत आर्थिक सहयोग, तकनीकी साझेदारी, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर आधारित है।
उन्होंने कहा, “भारत-अमेरिका साझेदारी को 21वीं सदी की सबसे अहम साझेदारियों में से एक बताया जाता है और यह बात पूरी तरह सही है। इसका कारण यह नहीं है कि हम हर मुद्दे पर 100 प्रतिशत सहमत हैं। स्वाभाविक रूप से कुछ मुद्दों पर मतभेद होते हैं, लेकिन इस रिश्ते के पीछे जो रणनीतिक सोच है, वह हर साल मजबूत होती जा रही है।”
खम्पा की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार बढ़ाने, तकनीकी सहयोग को मजबूत करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा समन्वय को गहरा करने को लेकर बातचीत जारी है। सी. खम्पा ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी भरे संबंध और मजबूत विश्वास का रिश्ता है।
भारतीय राजनयिक ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की हालिया भारत यात्रा का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने द्विपक्षीय बैठकों के अलावा क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लिया था। सी. खम्पा ने कहा कि व्यापार दोनों देशों के रिश्तों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बना हुआ है। दोनों पक्षों के वार्ताकार द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।













