ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। स्कूल में जब भी बचपन में हम लोग पढ़ते थे कि कहां पर दुनिया में सबसे ज्यादा बारिश होती है तो हमेशा जनरल नॉलेज की किताब में चेरापूंजी का नाम आता था। मगर आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया की सबसे ज्यादा बारिश या गीली जगह चेरापूंजी नहीं है, बल्कि भारत के पूर्वोत्तर राज्य मेघालय में स्थित एक छोटा-सा गांव है। अगर आप घूमने के शौकीन हैं और कुछ नया और अनोखा देखना पसंद करते हैं तो गर्मियों की छुट्टियों में आप मेघालय में स्थित दुनिया के सबसे गीले स्थान पर जा सकते हैं, इस गांव में 12 महीने औसतन करीब 11 हजार 872 मिमी बारिश होती है, जो किसी चमत्कार से कम नहीं है और इसलिए यह जगह अपने आप में ही एक अनोखा स्थान है।
जिन लोगों को बारिश अच्छी लगती है, वो लोग इस जगह को जरूर एक्सप्लोर कर सकते हैं। आपको यहां बारिश के साथ-साथ एक अलग ही सुकून महसूस होगा। मेघालय बेहद सुंदर प्रदेश है और इसके छोटे-छोटे गांव किसी ना किसी खूबी के लिए जाने जाते हैं। मेघालय में स्थित मौसिनराम भले ही एक छोटा-सा गांव है, लेकिन धरती का सबसे अधिक वर्षा वाले स्थान के तौर पर यह पूरी दुनिया में मशहूर है। दूर-दूर से लोग इस जगह को देखने आते हैं, हालांकि कई भारतीय आज भी इस जगह से अनजान हैं।
खूबसूरत पहाड़ों से घिरा है मौसिनराम
मौसिनराम चारों ओर से हरी-भरी पहाड़ियों, घने जंगलों और बादलों से घिरे वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां का मौसम ज्यादातर नम और ठंडा रहता है। मानसून सीजन में तो ऐसा लगता है जैसे बादल जमीन पर उतर आए हों। बारिश मिट्टी को उपजाऊ बनाती है, प्राकृतिक सुंदरता को और भी निखारती है।
क्यों होती है इतनी ज्यादा बारिश?
मौसिनराम में 12 महीने बारिश होती है, यहां सबसे ज्यादा बारिश होने का मुख्य कारण इसकी भौगोलिक स्थिति है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी से भरी हवाएं जब खासी पहाड़ियों से टकराती हैं, तो वे ऊपर उठती हैं और भारी बारिश बनकर गिरती हैं। इस प्रोसेस को ओरोग्राफिक बारिश कहा जाता है, यही कारण है कि यहां साल के ज्यादातर समय बारिश होती रहती है।













