ब्लिट्ज ब्यूरो
जयपुर। राजस्थान के औद्योगिक और आधारभूत ढांचे को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। जयपुर से पचपदरा तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है। करीब 11,492 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह एक्सप्रेस-वे प्रदेश के पांच जिलों को आपस में जोड़ेगा और पश्चिमी राजस्थान की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। इससे निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
करीब 350 से 400 किलोमीटर लंबे इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के जरिए बालोतरा जिले की पचपदरा रिफाइनरी को राजधानी जयपुर से सीधा जोड़ा जाएगा। इससे न केवल यात्रा सुगम होगी, बल्कि लॉजिस्टिक ट्रांसपोर्ट को भी नया आधार मिलेगा। पश्चिमी राजस्थान में उद्योगों के लिए यह मार्ग अहम भूमिका निभाएगा।
इन जिलों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे
यह एक्सप्रेस-वे जयपुर से शुरू होकर किशनगढ़ (अजमेर), पाली और जोधपुर होते हुए पचपदरा तक पहुंचेगा। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है और डीपीआर तैयार की जा रही है। संभावना है कि यह मार्ग जोधपुर-पाली क्षेत्र से होकर निकलेगा, जिससे डीएमआईसी के पश्चिमी राजस्थान हिस्से को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल
हब को बड़ा फायदा
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ पचपदरा रिफाइनरी और प्रस्तावित पेट्रोकेमिकल हब को मिलेगा। कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों के परिवहन के लिए सीधा और सुरक्षित कॉरिडोर उपलब्ध होगा, जिससे लॉजिस्टिक लागत घटेगी। एक्सप्रेस-वे का जुड़ाव दिल्ली-मुंबई इंडस्टि्रयल कॉरिडोर और अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेस-वे से भी होगा।
निर्यात और औद्योगिक विकास को बढ़ावा
एक्सप्रेस-वे बनने से जयपुर, जोधपुर और बालोतरा के बीच यात्रा समय में लगभग दो से तीन घंटे की कमी आने की संभावना है। निर्यात के लिहाज से यह मार्ग अहम साबित होगा, क्योंकि जामनगर-अमृतसर भारतमाला कॉरिडोर से जुड़ने के बाद कांडला पोर्ट तक पहुंच आसान हो जाएगी।
रोजगार और कनेक्टिविटी के नए अवसर
सिविल इंजीनियर कुशल प्रजापत के अनुसार, यह एक्सप्रेस-वे बेहतर लॉजिस्टिक मॉडल तैयार करेगा और नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास का रास्ता खोलेगा। रिंग रोड और औद्योगिक क्लस्टर्स के साथ यह परियोजना प्रदेश में रोजगार के नए द्वार खोलने में अहम भूमिका निभाएगी।
परियोजना का प्रारूप
जयपुर से पचपदरा तक
परियोजना की स्थिति केंद्र सरकार से स्वीकृति मिली
कुल लागत लगभग ₹11,492 करोड़
कुल लंबाई 350 से 400 किलोमीटर
जुड़े जिले जयपुर, अजमेर, पाली, जोधपुर, बालोतरा
मुख्य उद्देश्य रिफाइनरी व उद्योगों की कनेक्टिविटी
यात्रा समय में कमी 2 से 3 घंटे तक
औद्योगिक लाभ निवेश और रोजगार के नए अवसर
लॉजिस्टिक फायदा एक्सपोर्ट और ट्रांसपोर्ट होगा आसान













