ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी समय-समय पर नई घोषणाएं करते रहते हैं। अब उन्होंने इलेक्टि्रक व्हीकल (ईवी) वालों के लिए नया प्लान बनाया है। इससे उन लोगों को काफी फायदा होगा जिनके पास इलेक्टि्रक गाड़ी है और दिल्ली से जयपुर या जयपुर से दिल्ली आते-जाते हैं एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में उन्होंने अपने इस प्लान के बारे में बताया।
क्या है सड़क मंत्री का प्लान
कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि सरकार दिल्ली से जयपुर तक इलेक्टि्रक हाईवे बनाने की योजना बना रही है। इस प्रोजेक्ट को अगले सात वर्षों में शुरू करने का प्लान है। इसका लक्ष्य इलेक्टि्रक मोबिलिटी को अपनाना और देश भर में इलेक्टि्रक बसों की तैनाती को सुविधाजनक बनाना है। इन ई-हाईवे में ग्रीन एनर्जी से चलने वाले चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा होगी।
क्या होता है इलेक्टि्रक हाईवे?
इलेक्टि्रक हाईवे सड़कों या हाईवे का एक नेटवर्क है जो विशेष रूप से इलेक्टि्रक वाहनों (ईवी) के लिए डिजाइन किए गए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस होता है। जिनके पास इलेक्टि्रक गाड़ियां होती हैं और वे लंबी दूरी की यात्रा करते हैं तो इन हाईवे पर चार्जिंग स्टेशन होते हैं। इससे इलेक्टि्रक गाड़ी चलाने वाले को काफी सहूलियत रहती है।
– ईवी वालों की आएगी मौज
6000 किमी का हाईवे बनाने का लक्ष्य
सरकार इस समय इलेक्टि्रक हाईवे की योजना पर तेजी से काम कर रही है। इसका उद्देश्य ईंधन की खपत और वाहनों के उत्सर्जन को कम करना है। केंद्र का लक्ष्य 6000 किलोमीटर की लंबाई के इलेक्टि्रक हाईवे बनाना है। नए ई-हाईवे से चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे ज्यादा से ज्यादा लोग दैनिक आवागमन के लिए इलेक्टि्रक वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
इलेक्टि्रक कारों की बिक्री में तेजी
इलेक्टि्रक कारों की बिक्री में तेजी देखी जा रही है। पिछले साल इलेक्टि्रक कार की बिक्री 83 हजार यूनिट तक पहुंच गई। वहीं साल 2022 में सिर्फ 37792 यूनिट ही बिकी थीं। काफी लोग अभी भी इलेक्टि्रक कार खरीदने में कम रुचि दिखा रहे हैं। इसका मुख्य कारण रेंज और देश में अपर्याप्त चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर है। इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ने से इलेक्टि्रक गाड़ियों की बिक्री में भी तेजी आएगी।













