ब्लिट्ज ब्यूरो
कानपुर। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच समन्वय बैठकों का दौर तेज हो गया है। इसी कड़ी में विगत दिवस कानपुर में कानपुर-बुंदेलखंड प्रांत की उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत संघ और भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
करीब पौने तीन घंटे चली इस बैठक में प्रदेश के वर्तमान राजनीतिक माहौल, संगठन में हालिया बदलावों और प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक नई टीमों के गठन पर विस्तार से चर्चा हुई।
यूजीसी के नए नियम और शंकराचार्य विवाद पर चर्चा
सूत्रों के अनुसार बैठक में यूजीसी के नए नियमों से उपजे असंतोष और शंकराचार्य विवाद के बीच आम लोगों की प्रतिक्रिया को भी समझने की कोशिश की गई। नेताओं ने इस बात पर विचार किया कि कहीं ये मुद्दे सनातन एकता की मुहिम पर नकारात्मक असर तो नहीं डाल रहे हैं। बैठक में यह भी कहा गया कि सरकार और पार्टी के प्रति पैदा हो रही नकारात्मकता को दूर करने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएंगे।
संगठन में अनुशासन और कार्यकर्ताओं की नाराजगी पर चिंता
बैठक में लोकसभा चुनाव के दौरान कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में पार्टी को हुए कहा नुकसान का भी विश्लेषण किया गया। सूत्रों के मुताबिक जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती खींचतान और पार्टी में बढ़ती अनुशासनहीनता को लेकर गंभीर चिंता जताई गई। नेताओं का मानना था कि ऐसी स्थितियों से पार्टी की छवि प्रभावित होती है और कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ सकता है। इसलिए संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने पर जोर दिया गया।
कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह करीब 11 बजे नवाबगंज स्थित दीनदयाल विद्यालय पहुंचे, जहां बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल, संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल और प्रांत प्रचारक श्रीराम समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान विभिन्न मुद्दों पर फीडबैक का आदान-प्रदान किया गया और संगठन की आगामी रणनीति पर भी विचार किया गया।
आनुषंगिक संगठनों से भी लिया गया फीडबैक
संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए कानपुर प्रांत के विभिन्न आनुषंगिक संगठनों से भी फीडबैक लिया गया। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, भारतीय मजदूर संघ, सेवा भारती, आरोग्य भारती और लघु उद्योग भारती जैसे संगठनों के प्रतिनिधियों ने वर्तमान ज्वलंत मुद्दों पर अपने सुझाव दिए।
महापौर-पार्षद विवाद भी उठा
इस बीच कानपुर की महापौर प्रमिला पांडेय के पार्षदों के साथ चल रहे विवाद को लेकर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से मुलाकात की। बैठक के बाद एयरपोर्ट पर विद्रोही पार्षदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात कर अपनी बात रखी। सूत्रों के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष ने इस विवाद के अभी तक न सुलझने पर हैरानी जताई और जल्द समाधान निकालने की बात कही। बताया जा रहा है कि विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना इस पूरे मामले के समाधान के लिए जल्द पहल कर सकते हैं।













