ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सड़कों, पुलों और बिजली के तारों वगैरह के रखरखाव के जरिए लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि ‘आप चाहते हैं कि हम पूरे देश को चलाएं।’
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि इस तरह की याचिका ‘शॉपिंग मॉल’ जैसी है, जिसमें हर तरह के राहत की मांग की गई है जिसमें सड़क के गड्ढों से लेकर पुलिस की इमारतों तक, पुलों और अंडरपास का पूरा न होना, सब कुछ यहां मौजूद है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि आप जिस भी राहत का नाम लें, वह यहां नहीं मिलेगी? यहां सब कुछ बताया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे निर्देश जारी करना लगभग नामुमकिन है जिन्हें पूरी तरह से संभालना मुश्किल हो, जब तक कि उठाए गए मुद्दे खास न हों। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि हम इस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हैं। हालांकि पीठ ने याचिकाकर्ता को यह अच्छे तरह से याचिका तैयार कर संबंधित हाईकोर्ट जाने की छूट दी।













