ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। वैभव सूर्यवंशी ने वनडे क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी लगा दी है। उन्होंने ट्राई सीरीज के फाइनल में श्रीलंका ए के खिलाफ 11 गेंद में पचास रन पूरे किए। 50 रन पूरे करने तक उन्होंने अपनी पारी में 5 चौके और 5 छक्के लगाए। वैभव अब तक ट्राई सीरीज में एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए थे, लेकिन फाइनल में श्रीलंकाई बल्लेबाजी की कमर तोड़कर रख दी। वैभव सूर्यवंशी ने पारी के चौथे ओवर में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया।
गजब की बात यह रही कि वैभव ने बाउंड्री से ही अपना अर्धशतक पूरा किए और पहली 11 गेंदों में उन्होंने सिर्फ एक बॉल डॉट खेली। इससे पहले लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज फिफ्टी 12 बॉल में आई थी। रिकॉर्ड श्रीलंका के बल्लेबाज कौशल्या वीररत्ने के नाम पर था जिन्होंने 12 गेंदों में अर्धशतक लगाया था।
हालांकि सूर्यवंशी शतक लगाने से चूक गए। वैभव (94) की इस तूफानी शुरुआत के चलते इंडिया ए टीम ने ट्राई सीरीज के फाइनल में 9 विकेट खोकर 377 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका ए टीम 47.1 ओवर में 311 रन ही बना सकी। तिलक वर्मा की कप्तानी वाली टीम ने फाइनल मैच 66 रन से जीता। इस सीरीज में सबकी नजर वैभव सूर्यवंशी पर थी। खासतौर पर इसलिए, क्योंकि उन्हें इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय स्क्वाड में चुना गया है। मगर पहले चार मैचों में उनके स्कोर 14, 44, 21, 38 रहे। वो चार मुकाबलों में केवल 117 रन बना पाए थे, लेकिन फाइनल में उन्होंने धुआंधार बैटिंग करते हुए सभी आलोचकों का मुंह बंद करने का काम किया।
वैभव ने श्रीलंका ए के खिलाफ फाइनल में 29 गेंद खेलकर 94 रन बनाए
श्रीलंका ए के खिलाफ मैच में वैभव 9वें ओवर में आउट हुए। जब तक वैभव आउट हुए, तब तक भारतीय टीम 8.5 ओवर में 132 रन बना चुकी थी।
वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका ए के खिलाफ फाइनल में 29 गेंद खेलकर 94 रन बनाए। आईपीएल 2026 के आंकड़ों को भी मिलाकर देखा जाए, तो पिछली 7 पारियों में यह तीसरी बार है, जब वैभव सूर्यवंशी नर्वस नाइंटी का शिकार बने हैं। याद दिला दें कि गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में वैभव क्रमशः 96 रन और 97 रन बनाकर आउट हो गए थे।
वैभव सूर्यवंशी को अलग चेंजिंग रूम मिलेगा, परिवार भी होटल में साथ रहेगा
15 साल के क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर अलग चेंजिंग रूम मिलेगा। ईसीबी के अधिकारी ने ब्रिटिश अखबार द गार्डियन को बताया कि उनकी फैमिली भी टीम होटल में उनके साथ ही रहेगी। हालांकि, वैभव मैचों के दौरान टीम के अन्य खिलाड़ियों के साथ रह सकेंगे। वे टीम मीटिंग्स में हिस्सा भी लेंगे। यह फैसला आईसीसी की चाइल्ड सेफगार्डिंग पॉलिसी के कारण लिया है।













