आस्था भट्टाचार्य
नई दिल्ली। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मॉस्को में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग पर चर्चा की। इस दौरान भारतीय रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत-रूस में साझेदारी की अपार संभावनाएं हैं।
बैठक के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत-रूस के बीच दोस्ती सबसे ऊंचे पर्वत से भी ऊंची और सबसे गहरे महासागर से भी गहरी है। भारत हमेशा अपने रूसी मित्रों के साथ खड़ा रहा है और भविष्य में भी ऐसा ही करता रहेगा।
पुतिन से मुलाकात से पहले राजनाथ सिंह ने रूसी रक्षा मंत्री आंद्रे बेलौसोव से मुलाकात की थी। इस दौरान राजनाथ सिंह ने सतह से एस-400 मिसाइल सिस्टम की दो बची हुई यूनिट की जल्द डिलीवरी पर जोर दिया।
भारत और रूस के बीच 2018 में एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम को लेकर डील हुई थी। इस डील के तहत, रूस भारत को अब तक 3 यूनिट एस-400 सौंप चुका है। ये चीन-पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनात हैं। एस-400, रूस का एक लंबी दूरी का मिसाइल सिस्टम है। इसे 400 किलोमीटर की दूरी तक विमान, ड्रोन, और मिसाइलों का पता लगाने, ट्रैक करने, और नष्ट करने के लिए बनाया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मॉस्को में अज्ञात सैनिक की कब्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने भी पहुंचे।
5 महीने में 2 बार रूस गए पीएम मोदी
रक्षा मंत्री की रूस यात्रा पीएम नरेंद्र मोदी की मॉस्को यात्रा और पुतिन के साथ शिखर वार्ता के पांच महीने बाद हुई है। शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों पक्षों ने भारत-रूस रक्षा और सैन्य संबंधों को और बढ़ाने पर जोर देने की बात कही थी। मोदी ने वार्षिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए अक्टूबर में भी रूस की यात्रा की थी। पुतिन अगले साल पीएम मोदी के साथ वार्षिक शिखर वार्ता करने के लिए भारत आने वाले हैं।













