ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्र सरकार कर्मचारियों के लिए नई पेंशन योजना ला रही है। इसका नाम यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) है। यह नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) का विकल्प होगी। यूपीएस का ड्राफ्ट तैयार हो रहा है। दिसंबर तक गाइडलाइन बन जाएगी। कर्मचारियों को 31 मार्च तक एनपीएस या यूपीएस में से किसी एक को चुनना होगा। 1 अप्रैल 2025 से यूपीएस लागू होगी। यूपीएस में कर्मचारी पूरे पेंशन फंड में निवेश कर सकेंगे। रिटायरमेंट पर एकमुश्त राशि नहीं मिलेगी। सरकार अपना अंशदान बढ़ाएगी। एनपीएस से तुलना करें तो यूपीएस में ज्यादा पेंशन मिलेगी, लेकिन पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) जितनी नहीं।
नई स्कीम को क्या चीजें बनाती हैं खास
यूपीएस की एक खास बात यह है कि इसमें कर्मचारियों को अपने फंड में जमा 100% राशि निवेश करने का विकल्प मिलेगा। एनपीएस में कर्मचारी सरकार की ओर से सुझाए गए 12 सर्विस प्रोवाइडर के जरिये 50% राशि तक ही निवेश कर सकते हैं। यूपीएस में केंद्रीय कर्मचारियों को रिटायरमेंट के समय एकमुश्त राशि निकालने का विकल्प नहीं होगा। यानी उनके फंड में जमा पूरी राशि का उपयोग पेंशन बनाने में किया जाएगा। एनपीएस में कर्मचारी को रिटायरमेंट के समय 60% राशि मिलती है। बाकी 40% राशि से पेंशन बनती है।
यूपीएस में सरकार अपना अंशदान भी बढ़ाएगी
एनपीएस में सरकार 14% योगदान देती है। जबकि यूपीएस में यह बढ़कर 18.50% हो जाएगा। कर्मचारी का योगदान 10% ही रहेगा।













