ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतपोल पोर्टल के शुभारंभ के दौरान कहा कि नई व्यवस्था से 195 देशों के इंटरपोल रेफरेंस के माध्यम से विदेशों में जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता लेना और देना अब सरल हो जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मादक पदार्थ और हथियारों की तस्करी, मानव तस्करी, सीमापार से होने वाले आतंकवाद जैसे अपराधों में यह नई व्यवस्था बहुत सहायता करेगी। अमित शाह ने कहा कि भारतपोल के पांच प्रमुख प्रारूप कनेक्ट, इंटरपोल नोटिस, रेफरेन्स, ब्रॉडकास्ट और रिसोर्स के माध्यम से हमारी सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सहायता का एक तकनीकी मंच मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कनेक्ट के माध्यम से हमारी सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियां अब एक प्रकार से इंटरपोल की नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (एनसीबी-नई दिल्ली) बन जाएंगी। इंटरपोल नोटिस के लिए अनुरोधों का त्वरित और सुरक्षित प्रसारण भी इससे सुनिश्चित हो जाएगा। शाह ने कहा कि इससे हम दुनियाभर के अपराधियों का तेज गति से पता लगाने की भारत में एक वैज्ञानिक व्यवस्था खड़ी कर सकेंगे।
इंटरपोल के 19 प्रकार के डाटा बेस होंगे उपलब्ध
भारतपोल जांच एजेंसियों और सभी राज्यों की पुलिस को 195 देशों के इंटरपोल नेटवर्क से जोड़कर अपराध पर लगाम लगाने में अहम भूमिका निभाएगा। भारतपोल पर इंटरपोल के 19 प्रकार के डाटा बेस उपलब्ध होंगे, जो अपराधों का विश्लेषण करने, रोकने और अपराधियों को पकड़ने में मददगार होंगे।
सीबीआई ने भारतपोल नाम से एक अत्याधुनिक पोर्टल बनाया है। इसकी मदद से सीबीआई अन्य केंद्रीय एजेंसियों और राज्य के स्तर पर इंटरपोल ऑफिसर से सीधे जुड़ सकेगी। पोर्टल पर ही जानकारी साझा की जाएगी। ईमेल, फैक्स की जरूरत नहीं पड़ेगी। फिलहाल सीबीआई, इंटरपोल ऑफिसर और एसपी, डीएसपी स्तर के यूनिट अधिकारियों से पत्र, ईमेल और फैक्स के जरिए जानकारी साझा करती थी।
100 से अधिक अपराधी भारत लाए गए
इंटरपोल की सहायता से भारत ने कई भगोड़े अपराधियों का प्रत्यर्पण करा चुका है। सीबीआई के अनुसार, 2021 से अब तक इंटरपोल के माध्यम से 100 से अधिक अपराधियों को भारत लाया जा चुका है, जिसमें से 2024 में ही 26 अपराधियों का प्रत्यर्पण हुआ है। इनमें सलमान रहमान खान, बरकत अली खान और रायहान जैसे अपराधी शामिल हैं।
ये लाभ होंगे भारतपोल से
•- गृह मंत्री ने सीबीआई की ओर से विकसित पोर्टल का किया शुभारंभ।
-अपराधियों के खिलाफ रेड कॉर्नर समेत अन्य कलर कोड नोटिस जारी करने की प्रक्रिया आसान होगी।
– इंटरपोल की सहायता से भारत कई भगोड़े अपराधियों का प्रत्यर्पण करा चुका है













