ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सत्य नडेला ने कहा है कि कंपनी भारत में अपनी क्लाउड कंप्यूटिंग और कृत्रिम मेधा (एआई) क्षमताओं के विस्तार के लिए तीन अरब डालर (करीब 25,700 करोड़ रुपये) निवेश करेगी।
नडेला ने यहां प्रौद्योगिकी कंपनियों और स्टार्टअप इकाइयों के संस्थापकों तथा अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी 2030 तक भारत में एक करोड़ लोगों को एआई कौशल का प्रशिक्षण भी देगी। हाल ही में कई प्रौद्योगिकी दिग्गजों ने भारत की यात्रा की है और अब इस सूची में नडेला का भी नाम जुड़ गया है। 1.4 अरब की आबादी वाला भारत कृत्रिम मेधा (एआई) क्षेत्र में काफी प्रगति कर रहा है। चिप विनिर्माता एनवीडिया के प्रमुख जेनसेन हुआंग, एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज (एएमडी) की लिया सू और दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी मेटा के प्रमुख एआई वैज्ञानिक यान लेकून ने हाल ही में भारत की यात्रा की है। नडेला ने कहा कि भारत में तीन अरब अमेरिकी डालर का निवेश किसी भी देश में किया गया ‘सबसे बड़ा विस्तार’ होगा। उन्होंने कहा, भारत में एआई की प्रसार दर बेहतरीन है।’ हालांकि, उन्होंने इस निवेश के लिए कोई समय सीमा नहीं बताई। माइक्रोसॉफ्ट एज्योर ब्रांड नाम के तहत अपनी क्लाउड कंप्यूटिंग सेवाएं प्रदान करती है। इसके 60 से अधिक एज़्योर क्षेत्र हैं जिनमें 300 से अधिक डेटा सेंटर शामिल हैं। नडेला ने कहा, ‘भारत में हम अपने सभी क्षेत्रों को लेकर उत्साहित हैं। हमारे पास मध्य भारत, दक्षिण भारत, पश्चिम भारत और दक्षिण मध्य भारत हैं। हमारे पास वे क्षमताएं भी हैं, जिन्हें हमने जियो के साथ मिलकर विकसित किया है।
नडेला ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी मुलाकात की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर मोदी के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘भारत को कृत्रिम मेधा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की हमारी प्रतिबद्धता पर काम करने को लेकर उत्साहित हूं।’ नडेला की इस पोस्ट पर प्रधानमंत्री ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह ‘भारत में माइक्रोसॉफ्ट की महत्वाकांक्षी विस्तार तथा निवेश योजनाओं के बारे में जानकर खुश हैं।’












