ब्लिट्ज ब्यूरो
नागौर। आज के दौर में जहां ज्यादातर लोग गणना करने के लिए कैलकुलेटर का उपयोग करते हैं। इस दौर में राजस्थान के नागौर के रहने वाले 80 वर्षीय बुजुर्ग तुलछाराम जाखड़ ऐसा कमाल करते हैं, जिसे जान हर कोई दंग रह जाता है। सोशल मीडिया पर वह पिछले कुछ समय से लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं। उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे फर्राटे से पहाड़े सुना रहे हैं। लोग उन्हें गणित का जादूगर कहते हैं। उनका नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है। उन्हें 1000 से ज़्यादा पहाड़े याद हैं।
बता दें कि तुलछाराम सिर्फ़ चौथी क्लास तक पढ़े हैं, लेकिन गणित में उनकी पकड़ ज़बरदस्त है। बता दें कि गांव में जमीन के बंटवारे में भी उनकी मदद ली जाती है। यहां तक कि पटवारी भी उनके सामने फेल हैं।
इस उम्र में भी तेज है याददाश्त
बड़ी बात यह है कि 80 साल के तुलछाराम जाखड़ की याददाश्त और दिमाग उस उम्र में भी तेज है, जिस समय ज्यादातर लोगों को भूलने की बीमारी तक हो जाती है। वे बिना किसी कठिनाई के 1000 से ज़्यादा पहाड़े सुना सकते हैं। उनके इस अनोखे हुनर का वीडियो सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। इस वीडियो में वे 869 का पहाड़ा बिना रुके सुनाते दिख रहे हैं। कोई भी संख्या बताओ, वे झट से उसका पहाड़ा सुना देते हैं।
ऐसे चढ़ा पहाड़े याद करने का शौक
तुलछाराम जी नागौर के लांपोलाई गांव में रहते हैं। गांव वाले बताते हैं कि वे बिना पेन और कॉपी के पहाड़े सुनाते हैं। छोटे बच्चे भी उनसे पहाड़े सीखने आते हैं। लोग उन्हें गणित का जादूगर कहते हैं। मानसिक गणना में उनकी महारत के कारण उनका नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है। यह उनके अद्भुत कौशल का प्रमाण है। तुलछाराम जी ने सिर्फ़ चौथी क्लास तक पढ़ाई करने। के बाद खेती-बाड़ी शुरू कर दी थी। वे बताते हैं कि बचपन से ही उन्हें गिनती और पहाड़े याद करने का शौक था। बड़े होने पर यह शौक उनके काम आया। रोज़ाना अभ्यास से अब वे किसी भी संख्या का पहाड़ा सुना सकते हैं।
सांसद दुष्यंत ने पूछा था-मुझसे 999 का पहाड़ा
तुलछाराम जी की ख्याति दूर-दूर तक फैली है। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के बेटे और झालावाड़ के सांसद दुष्यंत सिंह भी उनसे मिल चुके हैं। तुलछाराम जी बताते हैं, ‘सांसद दुष्यंत सिंह ने मुझसे 999 का पहाड़ा पूछा था, तो मैंने 10 सेकंड में सुना दिया’। तुलछाराम जी की कहानी हमें बताती है कि उम्र सिर्फ़ एक संख्या है। लगन और अभ्यास से कुछ भी हासिल किया जा सकता है।













