ब्लिट्ज ब्यूरो
इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक दिवसीय दौरे पर इंदौर पहुंचे। उन्होंने लाभगंगा में आयोजित ‘प्लास्टपैक 2025’ एग्जीबिशन सेंटर का शुभारंभ किया। बता दें कि मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के सहयोग से इस मेले का आयोजन किया गया। इसमें 400 से अधिक कंपनियों व 2 हजार से अधिक प्रदर्शकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में प्लास्टिक उद्योग के विकास की अपार संभावनाएं हैं। यह उद्योग का नया क्षेत्र है और इसका बड़ा बाजार है। इस उद्योग में रोजगार के भी बेहतर और बड़े अवसर हैं। प्लास्टिक उद्योग के विकास के लिए इसके दुष्प्रभाव को दूर करते हुए तथा सावधानी रखते हुए आगे बढ़ेंगे। प्लास्टिक के दुष्प्रभावों को दूर करने के लिए रियूज और वेस्ट मैनेजमेंट को बढ़ावा दिया जाएगा।
सीएम ने कहा कि बदलते दौर में प्लास्टिक का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। यह जीवन उपयोगी भी है। प्लास्टिक ने अपनी उपयोगिता कोविड काल में साबित की है। यह जीवन रक्षक के रूप में भी सामने आया है। कोविड के दौरान पीपीई किट हो या मॉस्क आदि में प्लास्टिक का उपयोग हुआ है। जीवन में इसकी उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता। प्लास्टिक के दुष्प्रभाव भी हैं। इन दुष्प्रभावों को दूर करने के प्रयास होंगे।
नई तकनीकों का होगा आदान प्रदान
इंडियन प्लास्टपैक फोरम के अध्यक्ष सचिन बंसल ने बताया कि इंडियन प्लास्ट पैक फोरम हमेशा से नए विचारों, नवाचारों और तकनीकी प्रगति को प्रोत्साहित करता रहा है। इस सम्मेलन के माध्यम से हमारा उद्देश्य उद्योग जगत के विशेषज्ञों, व्यापारियों और युवा उद्यमियों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां वे नवीनतम तकनीकों और विचारों का आदान-प्रदान कर सकें।
छह अलग डोम में विभाजित एग्जीबिशन
एग्जीबिशन सेंटर को छह अलग-अलग डोम में विभाजित किया गया। यहां लाइव मशीनों और उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। सम्मेलन ने व्यापारियों और उद्यमियों के लिए तो मंच प्रदान किया, साथ ही छात्रों, शोधकर्ताओं और पर्यावरणविदों के लिए भी एक ज्ञानवर्धक अनुभव दिया।













