ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। भारत में पढ़ाई करने की चाहत रखने वाले फॉरेनर स्टूडेंट्स के लिए गुड न्यूज है। भारत सरकार ने दो नए स्टडी इन इंडिया (एसआईआई) स्टूडेंट वीजा की शुरुआत की है- ई-स्टूडेंट और ई-स्टूडेंट एक्स वीजा। इनके तहत विदेशी छात्रों को कई फायदे मिलेंगे। आप एसआईआई पोर्टल पर अप्लाई कर सकते हैं।
यह पहल विदेशी स्टूडेंट्स को भारत में पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने और उनके लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
क्या है पहल?
विदेशी छात्रों, जो भारत में उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं, के लिए यह पहल भारत के स्टडी इन इंडिया कार्यक्रम के तहत की गई है।
ई-स्टूडेंट वीजा
यह वीजा उन विदेशी छात्रों के लिए है जो एसआईआई पोर्टल पर रजिस्टर्ड हैं। साथ ही भारत के मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों में रेगुलर, फुल टाइम, अंडर ग्रैजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, पीएचडी या दूसरे औपचारिक पाठ्यक्रमों में दाखिला लेना चाहते हैं।
ई-स्टूडेंट एक्स वीजा
यह वीजा उन लोगों के आश्रितों यानी उनके साथ रहने वालों के लिए है, जिनके पास ई-स्टूडेंट वीजा है।
ई-स्टूडेंट वीजा की खास बातें
वीजा पाठ्यक्रम की अवधि के आधार पर अधिकतम 5 साल तक वैध रहेगा। वीजा भारत में रहते हुए बढ़ाया जा सकता है। वीजा रखने वाले छात्र किसी भी भारतीय इमिग्रेशन चेक पोस्ट से भारत में एंट्री कर सकते हैं। बिना एसआईआई आईडी के कोई भी विदेशी छात्र भारत में पढ़ाई के लिए आवेदन नहीं कर सकता।
आवेदन कहां और कैसे करेंगे?
nछात्र को पहले एसआईआई पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा।
nरजिस्टर नाउ टैब पर जाकर नाम, देश, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जैसी जानकारी भरनी होगी।
nरजिस्ट्रेशन के बाद छात्रों को एक यूनीक एसआईआई आईडी मिलेगी, जो उनके आवेदन और प्रक्रिया को ट्रैक करने में मदद करेगी।
nइसके बाद वीजा के लिए अलग से आवेदन करना होगा।
nवीजा प्रक्रिया पोर्टल indianvisaonline.gov.in के जरिए पूरी होगी।
किन्हें फायदा होगा
यह सुविधा उन विदेशी छात्रों को मिलेगी जो भारत के 600+ पार्टनर संस्थानों में 8000+ कोर्स (इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, एग्रीकल्चर, साइंस, आर्ट्स, लैंग्वेज स्टडी, लॉ, योग, बौद्ध स्टडी, आदि) में प्रवेश लेना चाहते हैं। छात्र अपनी पसंद के पाठ्यक्रम चुन सकते हैं, जिसमें बैचलर्स, मास्टर्स, पीएचडी और दूसरे पाठ्यक्रम शामिल हैं।













