ब्लिट्ज ब्यूरो
मुंबई। बीएमसी चुनाव के बाद बांग्लादेशी घुसपैठ और अवैध फेरीवालों का मुद्दा गरमाने के बीच बीएमसी प्रशासन ने सड़क किनारे व्यापार करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अवैध फेरीवालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के साथ अब प्रशासन ने वैध फेरीवालों के लिए विशेष क्यूआर कोड प्रणाली लागू करने का फैसला किया है।
नई व्यवस्था के तहत जिन फेरीवालों के पास आधिकारिक लाइसेंस है, उन्हें एक यूनिक क्यूआर कोड जारी किया जाएगा। इस कोड में फेरीवाले की पहचान, लाइसेंस की वैधता, निर्धारित वेंडिंग जोन और अन्य बेसिक जानकारी डिजिटल रूप में दर्ज रहेगी। यह एक मिनट में उपलब्ध होगी। आम नागरिक भी क्यूआर कोड स्कैन कर यह जान सकेंगे कि संबंधित फेरीवाला अधिकृत है या नहीं। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अवैध वसूली या विवाद की स्थिति में कमी आने की उम्मीद है। बीएमसी का कहना है कि इस सुविधा 3 फेरीवालों का बेसिक डेटा आसानी से उपलब्ध होगा, जो किसी भी आपातकालीन स्थिति में प्रशासन के लिए मददगार साबित होगा। प्रशासन का दावा है कि इससे फुटपाथ अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम की समस्या को नियंत्रित करने में भी सहायता मिलेगी।












