ब्लिट्ज ब्यूरो
क्या वैज्ञानिकों ने ऐसी दवा विकसित कर ली है जो इंसान को बूढ़ा नहीं होने देगी! दवा के विकास को लेकर दुनिया भर में चर्चाएं हो रही हैं।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी प्रेसिडेंट शी जिनपिंग की बीते साल हुई एक चर्चा दुनिया में चर्चा का सबब बनी थी। दोनों नेता एक ऐसी दवा के बारे में कुछ बात कर रहे थे जिससे इंसान 150 साल तक जी सकते हैं। इस बातचीत के कुछ महीनों के बाद अब पता चला है कि रूसी वैज्ञानिक बुढ़ापे को रोकने वाली ‘दुनिया की पहली दवा’ बना रहे हैं। यह रिसर्च सफल होती है तो इंसान की उम्र काफी ज्यादा बढ़ सकती है।
73 वर्षीय रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विशेष आग्रह पर रूस के चोटी के वैज्ञानिक एक ऐसी दवा (जीन थेरेपी) विकसित कर रहे हैं जो इंसान के बूढ़ा होने की प्रक्रिया को ही रोक देगी। रूस के फेडरल बायोमेडिकल एजेंसी के वैज्ञानिकों का दावा है कि वे दुनिया की पहली ‘एंटी-एजिंग’ जीन दवा बना रहे हैं।
रूसी विज्ञान और शिक्षा मंत्री डेनिस सेकिरिंस्की ने दावा किया है कि उनके देश के शोधकर्ता दुनिया की पहली जीन-थेरेपी दवा बनाने की राह पर हैं। यह दवा आरएजीई (रेज- रिसेप्टर फॉर एडवांस्ड ग्लाइकेशन एंड-प्रोडक्ट्स) जीन को ब्लॉक करने के लिए बनाई गई है। इस जीन के एक्टिवेट होने से कोशिकाओं का बुढ़ापा शुरू हो जाता है। यह ब्लॉक हो जाएगा तो कोशिकाओं का बूढ़ा होना रुक जाएगा।
‘दवा बनाने में काफी तरक्क ी’
डेनिस सेकिरिंस्की ने बुढ़ापा रोकने वाली दवा बनाने में तरक्क ी करने का दावा किया लेकिन उन्होंने इस महत्वपूर्ण दावे के लिए कोई ठोस सबूत नहीं दिया। क्रेमलिन से जुड़े टेक्नोक्रेट सेकिरिंस्की ने अपने बयान में कहा कि बुढ़ापे की जीन थेरेपी एक उम्मीद भरा क्षेत्र है और उम्मीद है कि इस क्षेत्र में बड़ी कामयाबी मिलेगी। डेनिस सेकिरिंस्की का कहना है कि रेज जीन एक रिसेप्टर है। इसके एक्टिवेट होने से कोशिकाओं का बुढ़ापा शुरू हो जाता है। इसके उलट इस जीन के ब्लॉक होने से कोशिकाओं की जवानी लंबे समय तक बनी रहती है। इसी सिद्धांत के आधार पर यह लक्ष्य तय किया गया है कि दुनिया की पहली जीन-थेरेपी दवा बनाकर इस रिसेप्टर को ब्लॉक किया जाए।
पुतिन खुद रख रहे नजर!
सेकिरिंस्की का कहना है कि इंसान की उम्र बढ़ाने से जुड़ा यह क्षेत्र आधुनिक जेनेटिक टेक्नोलॉजी पर निर्भर है और बुढ़ापे से लड़ने में सबसे उम्मीद भरे रास्तों में से एक है। यह काम इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजी ऑफ एजिंग एंड मेडिसिन के एक्सपर्ट की ओर से किया जा रहा है। इसने लंबी उम्र की दवा के विकास पर हो रहे काम को रफ्तार दी है। इससे पहले यह बात सामने आई थी कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वैज्ञानिकों को बुढ़ापे से लड़ने पर रिसर्च की जानकारी सौंपने का आदेश दिया था। डेली मेल ने एक रूसी सूत्र के हवाले से कहा कि बड़े बॉस (पुतिन) ने एक काम सौंपा है और अधिकारी जल्दी से जल्दी हर मुमकिन तरीके से उसे पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं।
इस शोध का मुख्य उद्देश्य कोशिकाओं के क्षय को रोकना और शरीर को लंबे समय तक युवा बनाए रखना है। इस प्रोजेक्ट को रूस में बेहद गोपनीय और उच्च प्राथमिकता वाला माना जा रहा है।
- – पुतिन के 150 साल जीने के सपने को सच करने के करीब रूसी वैज्ञानिक!
- – रेज जीन एक ‘कोड’ की तरह काम करता है जो शरीर को रेज रिसेप्टर (एक प्रोटीन) बनाने के निर्देश देता है। यह रिसेप्टर जब सक्रिय होता है, तो यह कोशिकाओं में उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को ट्रिगर करता है।
कोशिकाओं का पुनर्जन्म और अंगों की मरम्मत
यह दवा केवल बाहरी झुर्रियों को नहीं हटाएगी बल्कि कोशिकीय स्तर पर काम करेगी। यह जीन थेरेपी शरीर के महत्वपूर्ण अंगों, जैसे हृदय, मस्तिष्क और फेफड़ों की कोशिकाओं की मरम्मत करने में सक्षम होगी। शोधकर्ताओं का मानना है कि यदि रेज जीन को सफलता पूर्वक नियंत्रित कर लिया गया तो अल्जाइमर, पार्किंसंस और गठिया जैसी उम्र से संबंधित बीमारियों को भी जड़ से खत्म किया जा सकेगा। पुतिन खुद इस रिसर्च में गहरी रुचि ले रहे हैं क्योंकि वे रूस को चिकित्सा विज्ञान के इस नए युग का नेतृत्व करते देखना चाहते हैं।
पुतिन के ‘अमर’ होने की चर्चा और वैश्विक हलचल
पश्चिमी मीडिया और कूटनीतिक हलकों में इस दवा को पुतिन के ‘अमर’ रहने की इच्छा से जोड़कर देखा जा रहा है। 73 साल की उम्र में भी बेहद सक्रिय दिखने वाले पुतिन अपने देश के वैज्ञानिकों पर इस बात के लिए दबाव बना रहे हैं कि वे ‘सक्रिय दीर्घायु’ का समाधान ढूंढ़ें।
हालांकि रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि यह शोध रूस की घटती जनसंख्या और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को सुधारने के लिए है। इस तकनीक के सफल होने पर चिकित्सा विज्ञान के इतिहास में यह सबसे बड़ी खोज साबित हो सकती है। नेशनल मिशन के तहत 2030 तक 1.75 लाख जानें बचाने का लक्ष्य है।
पुतिन ने जिनपिंग से जताई थी इच्छा
बीते साल बीजिंग में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के नेता शी जिनपिंग के बीच सीक्रेट बातचीत माइक में रिकॉर्ड हुई थी। पुतिन, शी जिनपिंग और किम जोंग उन द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के 80 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में बीजिंग में आयोजित सैन्य परेड में चल रहे थे।
पुतिन को यह कहते सुना गया कि जैव प्रौद्योगिकी विकसित हो रही है। मानव अंगों का निरंतर प्रत्यारोपण हो सकता है। आप लंबे समय तक जिंदा रहेंगे। यहां तक कि अमरत्व हासिल कर सकते हैं। इस पर जिनपिंग ने जवाब दिया कि लोगों का अनुमान है कि इंसान 150 साल जिंदा रह सकते हैं।
रेज जीन और रिसेप्टर
रेज (रिसेप्टर फॉर एडवांस्ड ग्लाइकेशन एंड प्रोडक्ट्स) एक ऐसा जीन है जो शरीर में एक विशेष रिसेप्टर प्रोटीन बनाता है। यह रिसेप्टर मुख्य रूप से कोशिकाओं की सतह पर पाया जाता है और शरीर में सूजन और बुढ़ापे की प्रक्रिया को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
रेज जीन और रिसेप्टर के मुख्य कार्य
कोशिकाओं का बुढ़ापा : यह रिसेप्टर जब सक्रिय होता है, तो यह कोशिकाओं में उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को ट्रिगर करता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इसे ब्लॉक करने से कोशिकाओं को लंबे समय तक युवा रखा जा सकता है।
सूजन और बीमारियां: इसके सक्रिय होने से शरीर में ‘प्रो-इंफ्लेमेटरी’ (सूजन पैदा करने वाले) जीन सक्रिय हो जाते हैं। यह मधुमेह की जटिलताओं, अल्जाइमर रोग और कुछ प्रकार के ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारियों से जुड़ा हुआ है।
उम्र बढ़ाने की तकनीक : रूसी वैज्ञानिकों का लक्ष्य इस रिसेप्टर को ब्लॉक करने वाली दुनिया की पहली जीन-थेरेपी विकसित करना है, जिससे इंसान की उम्र 150 साल तक बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है।
रिसेप्टर और जीन का संबंध
साधारण शब्दों में, रेज जीन एक ‘कोड’ की तरह काम करता है जो शरीर को रेज रिसेप्टर (एक प्रोटीन) बनाने के निर्देश देता है। यह रिसेप्टर कोशिका झिल्ली पर बैठकर बाहरी संकेतों को पकड़ता है और कोशिका के अंदर प्रतिक्रिया शुरू करता है।













