ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आपसी तलाक के समझौतों पर एक सख्त लक्ष्मण रेखा खींच दी है। अदालत ने आखिरी वक्त पर समझौते से पीछे हटने के खिलाफ फैसला दिया और कानूनी उपायों के दुरुपयोग पर भी चिंता जताई।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई भी पति या पत्नी, विवादों के पूरी तरह और अंतिम समाधान के तौर पर शादी को खत्म करने पर राजी होने के बाद, आपसी तलाक के समझौते से पीछे नहीं हट सकता। कानून तलाक का आदेश जारी होने से पहले सहमति वापस लेने की इजाजत देता है, लेकिन इसका इस्तेमाल समझौते में तय की गई जिम्मेदारियों से बचने के लिए नहीं किया जा सकता।













